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चमोली आपदा में लापता 29 लोगों के परिजन को बांटे चेक

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उत्तराखंड आपदा में लापता हुए मजदूरों के आश्रितों को सहायता चेक देते डीएम और एसपी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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निघासन। सात फरवरी, 2021 को उत्तराखंड के चमोली आपदा में लापता हुए 29 लोगों के परिवारों को तहसील सभागार में डीएम, एसपी और विधायक शशांक वर्मा ने दो-दो लाख रुपये का मुआवजा चेक सौंपा।
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आपदा में तिकुनियां, चौगुर्जी, भैरमपुर, इच्छानगर, बाबू पुरवा आदि गांवों के 33 लोग लापता हो गए थे, जिनमें चार लोगों के शव मिल गए थे। मृतक लोगों के परिजन को नौ लाख रुपये की आर्थिक मदद की गई थी। 29 लोगों के शव न मिलने के कारण उनके परिवार वालों को भी उत्तराखंड सरकार ने मृत घोषित कर दिया था। रविवार को पीड़ित परिवार के बदलू, उस्मान, राममूर्ति, रामकुमार आदि को दो-दो लाख रुपये के चेक दिए गए। डीएम ने बताया कि दो लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से चेक दी गई है। पीड़ित परिवारों को एसडीआरएफ की तरफ से चार लाख रुपये दिया जा चुका है। इसके अलावा जल विद्युत परियोजना के तहत भी सहायता धनराशि दी जाएगी। इस मौके पर एसडीएम ओपी गुप्ता, तहसीलदार धर्मेंद्र पांडे, नायब तहसीलदार अरुण सोनकर, सीओ पीके वर्मा, सांसद प्रतिनिधि संजय सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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राजीव गुप्ता ने दायर की थी जनहित याचिका
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजीव गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड त्रासदी में जान गवां चुके लोगों के परिजन को हाईकोर्ट के दबाव में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि पांच माह बाद भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया था। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने के बाद याचिका पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार के वकील ने तीन सप्ताह का समय मांगा था, जिसकी मियाद 30 जुलाई को खत्म हो रही है। प्रशासन ने शनिवार को पीड़ित परिवारों को चेक सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में पीड़ित परिजन को मुआवजा, रहने के लिए मकान और नौकरी की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि यह धनराशि बेहद कम हे। पीड़ित परिवार को 20 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए था। संवाद
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