लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में आम जन सामान्य के साथ ही व्यापारी और छोटे उद्यमी भी प्रभावित हुए हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दो करोड़ रुपये तक कर्ज वाले व्यापारियों व उद्यमियों को ब्याज पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज से छूट देने का फैसला दिया था। हालांकि एक पखवाड़े बाद भी इस निर्देश पर अमल नहीं हुआ है, जिससे व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बैंकों को भी इस संबंध में अब तक कोई निर्देश भी नहीं मिले हैं। हालांकि कोरोना काल में व्यापारियों को ब्याज पर ब्याज माफी की लेकर खुशी भी है, क्योंकि दिवाली से पहले उन्हें कर्ज के भार से थोड़ी राहत ही मिलेगी।
ब्याज पर ब्याज माफी कोरोना महामारी के दौरान घोषित छह महीने मार्च से अगस्त तक के कर्ज चुकाने में रियायत की अवधि के लिए मान्य होगी। वित्त मंत्रालय ने छोटे कर्जदारों की मदद करने के लिए यह फैसला लिया है। इससे जिले के सैकड़ों उद्यमी लाभान्वित हो सकते हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग लोन, शैक्षिक लोन, हाउसिंग लोन, वाहनों पर लोन, निजी लोन लेने वालों को भी ब्याज पर लगने वाले ब्याज से छूट मिलेगी। एलडीएम जितेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
दो करोड़ रुपये तक कर्ज वाले व्यापारियों को कोरोना काल में छह महीने तक ब्याज पर ब्याज से छूट जल्द दी जाए। इससे व्यापारियो को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि लॉकडाउन में व्यापार ठप रहा है।
-सुरेंद्र अजमानी, राइस मिलर
लॉकडाउन के चलते करीब छह माह तक व्यापार ठप रहा है, जिससे व्यापारी समय पर लोन की अदायगी नहीं कर सके हैं। इसलिए ब्याज पर ब्याज से छूट का लाभ दिवाली से पहले व्यापारियों को मिल जाना चाहिए।
-राजीव सहगल, व्यापारी