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सड़कों पर अतिक्रमण और फुटपाथ पर कब्जा: त्योहारों से पहले शहर का बुरा हाल

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अस्पताल के बाहर सड़क पर खड़ी बाइकें। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। शहर क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर अफसरों की लापरवाही आम नागरिकों पर भारी पड़ रही है। आलम यह है कि शहर के अधिकतर फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा है तो दुकानों से लेकर अस्पतालों में आने वाले लोगों के वाहन सड़कों पर खड़े नजर आते हैं। हैरत की बात तो यह है कि अब कुछ सड़कों पर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते दुकानें भी लगने लगी हैं। यही वजह है कि आम लोगों का सड़कों पर पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। खास बात यह है कि इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाने की बात तो कहते है लेकिन बाद में उस पर अमल नहीं करते।
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नगर पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण को कभी गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह है कि शहर में जिसकी जहां मर्जी हो रही है वहां अपनी दुकान लगा रहा है। बीते दिनों विधायक योगेश वर्मा जब जाम में फंसे तो हंगामा खड़ा हो गया। आनन फानन में पुलिस कर्मियों ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारा और उनके वाहन को निकलवा दिया। उस समय पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही थी लेकिन बाद में यह ठंडे बस्ते में चली गई।
त्योहारी सीजन में मुसीबत बन रहा अतिक्रमण
अनलॉक में छूट का दायरा बढ़ने के साथ बाजार की रौनक भी लौटनी लगी है। दुर्गा पूजा और उसके बाद सहालग शुरू होंगे। ऐसे में बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी है। मगर, अतिक्रमण लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है।
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जिला अस्पताल रोड के फुटपाथ पर खड़े होते हैं वाहन
जिला अस्पताल रोड के दोनो ओर के फुटपाथ पर अतिक्रमण है। एक तरफ दुकानदारों ने दो पहिया वाहन पार्किंग बना ली है तो दूसरी तरफ निजी एंबुलेंस चालकों ने स्टैंड।
खीरी रोड का फुटपाथ बना बाइक स्टैंड
खीरी रोड पर निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी संचालकों ने फुटपाथ को बाइक स्टैंड बना डाला है। फुटपाथ पर खड़े दो पहिया वाहन रोजाना जाम का कारण बनते हैं।
कब मिलेगी अतिक्रमण से मुक्ति...
नगर में कोई भी ऐसी सड़क व गली नहीं है, जिस पर अतिक्रमण न हो। शहरवासियों का सड़कों से निकलना मुश्किल है। न तो इस ओर नगर पालिका ध्यान दे रही है और न ही जिला प्रशासन।
-कुमुदेश शंकर शुक्ला, पूर्व सभासद, संकटा देवी
अतिक्रमण के कारण सड़कों से निकलना मुश्किल है। जिला अस्पताल रोड हो या फिर मेन रोड हर तरफ फुटपाथ से लेकर रोड तक वाहन खड़े रहते हैं। इससे रोजाना कई कई बार जाम की नौबत आती है। मगर, कोई देखने वाला नहीं है।
-गिरीश कुमार शर्मा, योग प्रशिक्षक
शहर की हर सड़क अतिक्रमण की चपेट में हैं। इस कारण लोगों का पैदल तक चलना मुश्किल है। नगर पालिका और जिला प्रशासन को इस पर ध्यान देकर सड़कें अतिक्रमण मुक्त करानी चाहिए।
-आचार्य संजय मिश्रा, विहिप
शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जल्द ही तहसील प्रशासन के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। उसके बाद अभियान चलाकर सड़कों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
-आरआर अंबेष अधिशाषी अधिकारी नगर
डीएम की चेतावनी के बाद पीडब्ल्यूडी भरवा रहा गड्ढे
लखीमपुर खीरी। कलक्ट्रेट सभागार में दो दिन पहले हुई समीक्षा बैठक में सड़कों के गड्ढों को लेकर डीएम के नाराजगी जताने पर पीडब्ल्यूडी के अफसर हरकत में आ गए। शनिवार को जिम्मेदारों ने हिदायतनगर मोहल्ले की सड़क के गड्ढे भरवाए।
सीएम योगी ने प्रदेश की कमान संभालते ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान जारी किया, लेकिन अधिकारियों की मनमानी के कारण सड़कें अब तक गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं। शहर से लेकर जिले की कोई भी ऐसी रोड नहीं है, जिसमें गड्ढे न हों। हालत यह तक हो गई है कि ये गड्ढायुक्त सड़के अब लोगों को बीमार भी कर रही हैं। पिछले दिनों हुई सभी विभागों की समीक्षा बैठक में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सड़कों पर गड्ढों को लेकर नाराजगी जताई थी, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अफसर हरकत में आ गए। शनिवार को अधिकारियों ने हिदायतनगर मोहल्ले की सड़क के गड्ढे भरवाने का काम शुरू कर दिया है। संवाद
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