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सरकारी एजेंसियों ने 2,07,343 मीट्रिक टन धान खरीदा

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लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद वैसे तो दिसंबर में ही बंद हो गई थी, लेकिन अब 31 जनवरी 2020 तक धान खरीद की समय सीमा भी पूर्ण हो गई है। इसके बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने धान खरीद की फाइनल रिपोर्ट जारी कर दी है। सरकारी एजेंसियों ने लक्ष्य 1,93,000 मीट्रिक टन से कहीं अधिक 2,07,343.30 मीट्रिक टन (107 प्रतिशत) धान खरीदकर रिकॉर्ड बनाया है। क्योंकि पिछले वर्ष लक्ष्य 1,93,200 मीट्रिक टन के सापेक्ष मात्र 1,71,427.916 मीट्रिक टन (88.73 प्रतिशत) ही धान खरीदा गया था। हालांकि इस वर्ष धान खरीद में गड़बड़ी की आशंका जताई गई, जब नवंबर-दिसंबर में धान खरीद बढ़ गए थे। वहीं क्रय केंद्रों पर राइस मिलर्स पूरी तरह हावी रहे।
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धान खरीदने के लिए आठ एजेंसियों खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपी एग्रो, यूपीएसएस, एसएफसी, कल्याण निगम और एफसीआई ने 121 क्रय केंद्र खोले थे। सभी एजेंसियों को उनके केंद्रों के मुताबिक लक्ष्य आवंटित किए गए थे, जिसमें सबसे ज्यादा पीसीएफ ने 62,935 मीट्रिक टन, खाद्य विभाग ने 54,354 मीट्रिक टन और पीसीयू ने 44,545 मीट्रिक टन धान खरीदा हैै।
खाद्य विभाग का दावा है कि 21949 किसानों से धान खरीदा गया है, जिन्हें तीन अरब 70 करोड़ 77 लाख 90 हजार रुपये भुगतान किया जा चुका है। जबकि दो एजेंसियों यूपी एग्रो और एसएफसी पर किसानों का 6.25 करोड़ रुपये बकाया है। संबंधित अधिकारियों का बकाया भुगतान के बारे में कहना है कि एफसीआई से भुगतान मिलते ही किसानों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा।
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एजेंसीवार धान खरीद (मीट्रिक टन में)
एजेंसी लक्ष्य खरीद
खाद्य विभाग - 48,500 - 54354
पीसीएफ - 64000 - 62935
यूपी एग्रो - 3000 - 3631
यूपीएसएस - 8000 - 9232
पीसीयू - 44500 - 44545
एसएफसी - 12000 - 14898
कल्याण निगम - 8000 - 10047
एफसीआई - 5000 - 7697
91 प्रतिशत सीएमआर की हुई डिलीवरी
क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान का राइस मिलर्स द्वारा तैैयार सीएमआर (कस्टम चावल) की डिलीवरी एफसीआई के गोदामों पर की जा रही है। इस बार राइस मिलर्स ने काफी तेजी दिखाते हुए 91 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी एफसीआई को कर दी है। अब कुल देय सीएमआर 1,38,920 मीट्रिक टन के सापेक्ष 12051 मीट्रिक टन सीएमआर की डिलीवरी होना शेष है।
31 जनवरी को धान खरीद पूर्ण रूप से बंद हो गई, जिसके बाद सीएमआर की डिलीवरी पर पूरा जोर है। दो एजेंसियों पर किसानों का बकाया है, जिसका भुगतान जल्द कराया जाएगा।
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लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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