बांकेगंज। चकबंदी के दौरान नलकूप विभाग के नाम पर आरक्षित 15 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अवैध कब्जा कराने की संलिप्तता के आरोप में संबधित ट्यूबवेल ऑपरेटर को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि बोई गई फसल को नीलाम कराने की कार्रवाई की जा रही।
वर्ष1962 में हुई पहली चकबंदी के दौरान बांकेगंज ब्लॉक मुख्यालय की पंचायत ग्रंट नंबर 10 और कस्बे से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित बेचापुर गांव के निकट नलकूप विभाग के नाम पर 15 एकड़ भूमि आरक्षित हुई थी। इस भूमि पर लंबे अरसे से दबंगों ने कब्जा कर रखा था, जिसे दो साल पहले नलकूप विभाग ने बमुश्किल अवैध कब्जे से खाली कराई थी। कब्जा हटने के बाद अब यह भूमि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की कमाई का जरिया बन गई। जमीन को विभागीय लोगों ने ठेके पर दे रखा था। भूमि पर गेहूं की फसल बोई है। खाली कराई नलकूप विभाग की जमीन पर खेती होते देख लोगों ने इसकी शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ ही एसडीएम गोला से की। अमर उजाला ने एक माह पहले इस संबंध में खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर नलकूप विभाग के अधिकारी चेते और भूमि पर अपना कब्जा कर विभागीय जांच शुरू कराई। जांच में ट्यूबवेल ऑपरेटर जगत पाल की संलिप्तता मिली है। नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने उसे निलंबित कर दिया है। बोई गई फसल को राजस्व विभाग के सहयोग से मूल्यांकन कराने के बाद उसे नीलाम कर धनराशि सरकारी खजाने में जमा कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
बांकेगंज कस्बा के निकट बेचापुर गांव में नलकूप विभाग की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। इस जमीन पर बोई गई फसल को नीलाम करने की कार्रवाई की जा रही है। अवैध कब्जा कराने में संलिप्तता मिलने पर ट्यूबवेल ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया है।
अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, नलकूप।