लखीमपुर खीरी। केन इंप्लीमेंटेशन कमेटी (सीआईसी) की बैठक गन्ना विभाग के दफ्तर में हुई, जिसमें गन्ना समितियों के चेयरमैन ने सचिवों पर मनमाने तरीके से किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से गन्ना उतरवाई के नाम पर 70 से 100 रुपये वसूले जाने की शिकायत की गई। इसके अलावा किसानों से प्रत्येक ट्रॉली पर 50 किलोग्राम अतिरिक्त गन्ना लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
सीआईसी की बैठक में मैगलगंज गन्ना समिति में गत़बड़ियों के मुद्दे छाए रहे। चेयरमैन ब्रजेश सिंह ने कहा कि अजवापुर के गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से उतरवाई के नाम पर 70 से 100 रुपये प्रति ट्रॉली वसूले जा रहे हैं। इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद वसूली पर अंकुश नहीं लग पाया है। इसके अलावा किसानों से प्रति ट्रॉली 50 किलोग्राम अतिरिक्त गन्ना लिया जा रहा है। कई किसानों की जमीन के कागज जमा होने के बावजूद सट्टे पर इंट्री नहीं की जा रही है। इससे दर्जनों किसानों के सट्टे लॉक कर दिए गए हैं, जिनकी शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। चेयरमैन की शिकायत/सिफारिश पर भी सचिव ध्यान नहीं देते हैं। इससे चेयरमैन भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। चेयरमैन बृजेश सिंह ने सचिव अजीत प्रताप सिंह पर बजट कंट्रोल रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर न कराए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही गन्ना सुपरवाइजर नरेंद्र त्रिपाठी की कारगुजारियों के चलते हटाने की मांग की है। फरधान समिति के चेयरमैन अमित सिंह ने निरस्त पर्चियों को जमा करने के बाद कालम/पक्ष में सबसे नीचे करने की गड़बड़ी का आरोप लगाया है। गोला गन्ना समिति के चेयरमैैन सुरेश वर्मा ने गोला मिल पर बकाया गन्ना मूल्य का अब तक भुगतान न किए जाने का मुद्दा उठाया है। साथ ही उन्होंने पिछले सीजन की भांति इस सीजन में भी गन्ना पर्चियों की वैधता पांच दिन करने की मांग उठाई है, जो अभी दो दिन वैधता ही है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा गन्ना क्रय केंद्रों पर ट्रांसपोर्ट की समस्या होने की बात रखी गई।
चेयरमैन द्वारा की गई शिकायतों और सुझावों का त्वरित संज्ञान लेकर संबंधित सचिवों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। क्रय केंद्रों पर किसानों से वसूली करने के गंभीर आरोप की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी