लखीमपुर खीरी। अपर जिला जज शाम कुमार ने सोमवार को नौ साल पहले हुई हत्या के मामले में दोष साबित होने पर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी सुनील सिंह तोमर ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के ग्राम निवाजपुर निवासी श्यामलाल से गांव का ही एक युवक मटोली पाटीबंदी की रंजिश रखता था। 27 अगस्त 2010 को मटोली ने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति धनीराम की मदद करने का आरोप लगाते हुए आरोपी साथी हुसैना और लेखराम के साथ मिलकर श्यामलाल को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। अगले ही दिन 28 अगस्त की शाम को जब श्यामलाल ढखेरवा नानकार बाजार से वापस आ रहा था तभी मटोली और उसके अन्य साथियों ने मिलकर बांका और धारदार हथियारों से हरीराम के घर के पास ही श्यामलाल की हत्या कर दी। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयोग किए गए बांके और तमंचे को भी बरामद कर लिया था। तत्पश्चात पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने फैसला सुनाते हुए हत्यारोपी मटोली को श्यामलाल की हत्या के लिए दोषी करार दिया है और उसे उम्रकैद की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सुनवाई के दौरान अन्य दो आरोपियों लेखराम और हुसैना की मौत हो चुकी है।