एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने की तैयारी तेज
रिकार्ड 77.26 लाख क्विंटल गेहूं उत्पादन की उम्मीद
रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं के रिकार्ड उत्पादन होने की संभावनाओं के साथ ही किसानों से खरीद के लिए तैयारी तेज हो गई है। पिछले वर्ष 137 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिससे इस बार अधिक संख्या पहुंचने की उम्मीद है। राज्य की सबसे बड़ी एजेंसी में शुमार पीसीएफ ने अपने क्रय केंद्रों की संख्या घटाकर प्रस्ताव खाद्य एवं रसद विभाग को दिया है, जिस पर डीएम आकाशदीप ने प्रबंधक से जवाब तलब किया है।
जिले में 1,81,290 हेक्टेअर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई की गई है, जो पिछले वर्ष से 4691 हेक्टेअर अधिक है। इस वर्ष समय से बुवाई और मौसम के अनुकूल रहने से अच्छे उत्पादन की उम्मीद कृषि विशेषज्ञ जता रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 33.93 क्विंटल प्रति हेक्टेअर गेहूं उत्पादकता रही थी, जो इस वर्ष 42.62 क्विंटल प्रति हेक्टेअर प्राप्त होने की उम्मीद है। लिहाजा जिले में 77,26,579 क्विंटल गेहूं उत्पादन होने की उम्मीद है। एक अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी गेहूं खरीद के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। पिछले वर्ष 137 क्रय केंद्र खोले गए थे, लेकिन इस वर्ष रिकार्ड उत्पादन को देखते हुए विपणन शाखा ने अपने केंद्रों की संख्या पांच से बढ़ाकर 20 प्रस्तावित कर दी है। वहीं, पीसीएफ ने 57 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है, जबकि पिछले वर्ष 78 केंद्र खोले थे। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव ने बताया कि पीसीएफ के प्रबंधक से जवाब तलब किया गया है, जिसके साथ ही क्रय केंद्र बढ़ाने के लिए कहा गया है, ताकि किसानों को दिक्कतें न हों। उन्होंने बताया कि उत्पादन के मुताबिक ही खरीद का लक्ष्य बढ़ना तय है, जिससे क्रय केंद्रों की संख्या 137 से ज्यादा ही रहेगी।