मरीज के दांतों का परीक्षण करते डॉ. एनके वर्मा। संवाद
लखीमपुर खीरी। कम उम्र में ही मसूड़ों के कमजोर होने से लोगों के दांत हिलने लगे हैं। गलत खानपान व लापरवाही के कारण ऐसी दिक्कतें सामने आ रही हैं। बच्चों में भी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं।
जिला अस्पताल के दंत विभाग में डेंटल सर्जन डॉ. एमके वर्मा ने बताया कि दांतों की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों में प्रतिदिन करीब 7-8 बच्चे पहुंच रहे हैं। नियमित दांतों की सही से सफाई न करने से बड़ों में भी इस तरह की समस्या आ रही हैं। फास्ट फूड इसकी बड़ी वजह हैं। बच्चे टॉफी-चॉकलेट खाने के बाद ब्रश नहीं करते हैं। चाॅकलेट, फास्ट फूड उनके दांतों से चिपक जाता है और दांतों का कमजोर कर देता है।
ऐसे बच्चों को इलाज के साथ सही सलाह भी दी जाती है, ताकि कम उम्र में ही उनके दांत कमजोर न हो। इसके अलावा छोटे बच्चों को बोतल से दूध से पिलाया जाता है, दूध में चीनी मिली होती है और बच्चे इसे काफी देर तक मुंह में भरे रहते है, इससे उनके दांतों पर असर पड़ता है।
इसलिए दूध पिलाने के बाद बोतल से पानी पिला देना चाहिए, ताकि उनके दांत साफ हो जाए। बच्चों के दांतों में समस्या होने पर कुशल चिकित्सक से ही परामर्श लेना चाहिए।
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इन चीजों का रखें विशेष ध्यान
छोटे बच्चों के दांतों को सूती कपड़े से साफ कर दें।
फास्ट फूड खाने से बचे।
सुबह व रात खाने के बाद सही से ब्रश करें।
गुटखा व नशे पदार्थों से दूर रहे।