चिल्ड्रन वार्ड में अव्यवस्थाओं के बीच हो रहा बच्चों का इलाज
एक बेड पर भर्ती हैं दो दो बच्चे
मौसम के परिवर्तन ने बच्चों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड डायरिया, बुखार और निमोनिया पीड़ित बच्चों से फुल हो गया है और अब एक बेड पर दो दो बच्चे भर्ती किए जाने लगे हैं। शनिवार को भर्ती बच्चों की संख्या 15 हो गई। चिल्ड्रेन वार्ड में डेढ़ वर्षीय नायरा, दो वर्षीय स्वास्तिक, पांच माह के भीमनिवास, एक माह के अभिचल, एक वर्षीय मोहन सहित नौ माह की सुमन और आठ माह की स्नेहा को डायरिया होने पर भर्ती कराया गया है। इनके अलावा बुखार ओर निमोनिया पीड़ित आठ और बच्चे भर्ती हैं। इनका इलाज चल रहा है।
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पाइप से ऑक्सीजन देने की नसीहत
लखीमपुर खीरी। खैरीपुरवा निवासी प्रेमपाल ने गंभीर हालत में अपनी ढाई वर्षीय पुत्री सीता देवी को शनिवार को जिला अस्पताल में करीब एक बजे भर्ती कराया। सीता की हालत गंभीर होने के बावजूद एक घंटे तक उसे कोई भी देखने नहीं पहुंचा, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस पर स्टाफ नर्स ने उसे ऑक्सीजन देने के लिए प्रेमपाल को सिलेंडर पकड़ा दिया और मास्क न होने पर पाइप बच्ची की नाक के पास लगाकर ऑक्सीजन देने की की सलाह दे दी, जिससे प्रेमपाल अपनी बच्ची की नाक के पास पाइप लगाकर उसे ऑक्सीजन पहुंचाता रहा।
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बच्चों के खान पान पर रखें सावधानी
लखीमपुर खीरी। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आईबी त्रिपाठी का कहना है कि मौसम बदल रहा है। दिन में गर्मी और रात में ठंड हो रही है। ऐसे में डायरिया, बुखार, खांसी व जुकाम होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बच्चों को होली व्यंजन और बाहर की खाने पीने वाली चीजें ना खिलाएं। उल्टी दस्त शुरू होते ही डॉक्टर को दिखाएं अपनी मर्जी से दवाएं न दें।
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ऑक्सीजन सिलेंडर में मास्क लगा होता है, जिससे ऑक्सीजन दी जाती है। यदि मास्क नहीं था, तो स्टाफ नर्स को इसकी सूचना देनी चाहिए थी।
डॉ.आरके वर्मा प्रभारी सीएमएस