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सत्ता का संग्राम: लखीमपुर खीरी में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार चुनावी मुद्दा, मतदाताओं ने बेबाकी से रखी राय

Mon, 08 Apr 2024 09:55 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' सोमवार को लखीमपुर पहुंचा। इस बार लखीमपुर खीरी जिले के मतदाताओं के क्या चुनावी मुद्दे और उम्मीदें हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला टीम ने यहां के लोगों से चाय पर चुनावी चर्चा की। 
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लखीमपुर खीरी में चुनाव पर चर्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' सोमवार को लखीमपुर पहुंचा। टीम ने सुबह यहां के लोगों से चाय पर चुनावी चर्चा की। खीरी के लोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विकास और पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर अपनी बेबाकी से राय रखी। भाजपा समर्थकों ने सरकार के कार्यों की सराहना की तो विपक्ष समर्थकों ने कहा कि जिले में विकास नहीं हुआ है।  

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धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि जो वैकेंसी निकाली जाती हैं, सरकार को उस पर ध्यान देना चाहिए। ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे पेपर लीक न हो। देवेश त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष बहुत जरूरी है, लेकिन विपक्ष को खत्म किया जा रहा है। प्रत्याशी पर वोट पड़ ही नहीं रहा है, सिर्फ एक चेहरे पर ही चुनाव हो रहा है। 10 साल में शिक्षा बहुत महंगी हुई है। 

हर्षित दीक्षित ने कहा कि यह तराई क्षेत्र है, यहां छुट्टा पशुओं की समस्या बहुत बड़ी है। यह समस्या खत्म होनी चाहिए। छुट्टा पशुओं की समस्या से किसान परेशान हैं। निशुल्क राशन से सिर्फ जीवन यापन कर सकता है, लेकिन बच्चों को पढ़ा नहीं सकता। 
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भाजपा समर्थक ने कहा कि इस बार खीरी का चुनाव खामोशी से हो रहा है। सिर्फ एक ही चेहरे पर चुनाव लड़ा जा रहा है। चुनावी मुद्दे गायब हैं। बात को आगे बढ़ाते हुए दूसरे समर्थक ने कहा कि जिले में विकास हो रहा है। 

रोडवेज के चालक संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि विकास के मुद्दे पर लड़ रहे हैं, लेकिन यहां विकास शून्य है। डग्गामार वाहनों के कारण रोडवेज को सवारियां नहीं मिल रही हैं। विभाग कमाई मांगता है। जिले में रोडवेज का वर्कशॉप नहीं है। 


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क्षेत्रफल में प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अजय मिश्र टेनी ने जीत दर्ज की थी। इस बार फिर भाजपा ने भरोसा जताते हुए उन्हें प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने उत्कर्ष वर्मा को मैदान में उतारा है। बसपा ने कौशांबी निवासी अंशय कालरा को यहां से प्रत्याशी बनाया है।

वहीं वर्ष 2009 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई धौरहरा लोकसभा सीट पर भाजपा ने धौरहरा से मौजूदा सांसद रेखा वर्मा पर भरोसा जताया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन से आनंद भदौरिया यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी ने भाजपा के ही एक बागी श्याम किशोर अवस्थी को लोकसभा प्रभारी बनाया है।
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