अफसर समेत चार जवानों की बचाई थी जान
लेफ्टिनेंट कर्नल प्रियंक पुरी हेलीकॉप्टर से जाकर पांच लोगों को ढूंढ कर वापस लाए थे। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक अफसर और चार जवानों की जान बचाई थी। बताया कि वहां पर ऑक्सीजन भी बहुत कम थी। हेलीकॉप्टर कहीं भी लैंड नहीं किया जा सकता था।
फिर भी प्रियंक उन लोगों को वापस लाए। ऑक्सीजन की कमी के कारण हेलीकॉप्टर रोक कर एक-एक करके लाना जवानों को लाना पड़ा। इस साहसिक कार्य के लिए सरकार उन्हें सम्मानित करेगी। फिलहाल किस दिन पदक दिया जाएगा इसकी अधिकारिक घोषणा होना बाकी है।