हाईकोर्ट ने दिया है यह आदेश
हाल ही में हाईकोर्ट ने काफी समय से चल रहे 69 हजार शिक्षक भर्ती आरक्षण मामले में पुरानी सूची को रद्द करते हुए नई सिरे से सूची जारी करने का आदेश दिया है। शासन तीन महीने के अंदर नई सूची जारी करेगा, जिसमें आरक्षण से सभी अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ दिया जाए।
यूपी बीटीसी संघ के प्रदेश सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डबल बेंच के आदेश से अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, जोकि चार सालों से शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे हैं। उनकी नौकरी पर संकट है। सरकार से मांग है कि सभी चयनित शिक्षकों का कोई नुकसान न हो, इसके लिए उचित निर्णय लें।
शिक्षकों ने ये कहा
शिक्षक अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि कई वर्षों की पढ़ाई के बाद शिक्षक भर्ती की परीक्षा दी, सूची में नाम आया और चार साल पहले ही नौकरी हासिल की। आरक्षण के हिसाब से अब नई सूची करने का आदेश दिया गया है। इससे नौकरी रहेगी या नहीं, चिंता बनी हुई है।
शिक्षक प्रतीक अवस्थी ने कहा कि शिक्षक बनने का सपना था, जो कि पूरा भी हुआ। नौकरी मिलने के बाद से ही मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। हाईकोर्ट ने सभी शिक्षकों के साथ न्याय करने की बात कहते हुई तीन महीने में नई सूची जारी करने का आदेश दिया है। उम्मीद है सभी शिक्षकों के हित की बात होगी।
शिक्षक नयन तिवारी ने कहा कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया है कि अगर सूची में शिक्षकों का चयन नहीं होता है तो उन्हें 31 मार्च 2025 को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। इससे चिंता और भी बढ़ गई है। लो मेरिट वाले शिक्षकों को ज्यादा दिक्कतें होगी।