मृत बाघिन शावक के पिछले पैरों में मिले हैं किसी वाहन की टक्कर से रगड़ के निशान
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की भरिगवां बीट में बाघ शावक की मौत का प्रथम दृष्टया कारण दुर्घटना माना गया है। वन विभाग ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रोजेक्ट टाइगर कमलेश कुमार और दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने दुधवा मुख्यालय के पलिया में शव का परीक्षण कर कहा कि बाघिन के पिछले पैरों में किसी वाहन की टक्कर से रगड़ के निशान हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि रविवार सुबह भरिगवां जंगल से गुजरे गोला-खुटार हाईवे पर किसी छोटे वाहन की टक्कर लगने से बाघ शावक की मौत हुई है। इसके चलते वन विभाग अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दस साल पहले भी गोला-खुटार हाईवे पर भरिगवां बीट में ही अज्ञात वाहन की चपेट में आकर एक बाघ की मौत हो चुकी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघ शावक की मौत का कारण दुर्घटना बताया जा रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
बाघिन का शव देखने पहुंचा ग्रामीणों का हुजूम
मैलानी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के खुटार-गोला मार्ग पर मैलानी रेेंज के जंगल में सुबह सड़क से कुछ दूर अंदर जंगल में बाघ का शव मिलने की सूचना इलाके में जंगल में आग की तरह फैल गई और थोड़ी ही देर में घटनास्थल के आसपास ग्रामीणों का हुजूम जमा हो गया। ग्रामीणों की भीड़ के चलते कई बार रोड पर जाम की स्थिति भी बनी। वनकर्मियों ने हालांकि घटनास्थल के पास बेरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण बाघ का शव देखने को उत्सुक थे। पुलिस और वनकर्मी बार-बार ग्रामीणों को दूर हटाते रहे मगर ग्रामीण बार-बार पहुंच घटनास्थल के पास जाने का प्रयास करते। शव हटने के तुरंत बाद ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और बाघ के बाल आदि खोजने लगे। मौके पर पहुंचे एफडी संजय पाठक ने शावक का शव हटने के बाद घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। संवाद