19 में से 18 केंद्रों पर बोरा ही नहीं
भटक रहे किसान, बिचौलियों की मौज
शासन-प्रशासन ने भले ही गेहूं खरीद के लिए कड़े निर्देश दिए हों, लेकिन तहसील क्षेत्र में उनका आदेश सिर्फ छलावा साबित हो रहा है। किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए भटकना पड़ रहा है। ब्लाक रमियाबेहड़, ईसानगर और धौरहरा में कुल 19 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 18 केंद्रों पर अब तक बोरे ही नहीं उपलब्ध हैं। यह हकीकत खुद एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने भ्रमण कर परखी और मामले की रिपोर्ट डीएम के पास भेजी है।
किसानों से गेहूं खरीद के लिए तहसील क्षेत्र में विभिन्न एजेंसियों के कुल 19 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिसमें सर्वाधिक पीसीएफ के 11 क्रय केंद्र हैं। इस एजेंसी के सिर्फ पहड़ियापुर केंद्र पर 151 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई, जबकि शेष लालजीपुरवा, कफारा बाजार, हौकना मटेरा, हसनापुर, कफारा, अल्लीपुर, ईसानगर, सुजानपुर, खमरिया पंडित, चपकहा, हसनपुर कटौली केेंद्रों पर अब तक बोरे नहीं उपलब्ध हैं। यही हाल एनसीसीएफ, यूपीएसएस और नैकाफ के रानीपुरवा, टापरपुरवा, मूसेपुर, शेरपुर, नैनापुर, बदालीपुर का है। आलम यह है कि किसान इन खरीद केंद्रों पर गेहूं लेकर जाते हैं, तो उन्हें बैरंग होना पड़ रहा है। सेंटर इंचार्ज बोरा न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में किसान अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए गेहूं बिचौलियों के हाथों बेचने को विवश हैैं। बिचौलिए किसानों से गेहूं 1100 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहे हैं। जबकि सरकार ने 1525 रुपये रेट घोषित कर रखा है।
एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि तहसील क्षेत्र में 19 स्थानों पर गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन 18 क्रय केंद्रों पर अभी बोरे उपलब्ध नहीं हैं। इससे इन पर खरीद नहीं की जा रही है। कार्रवाई के लिए मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।