- मीटर में गड़बड़ी से विभागीय कर्मियों की मिलीभगत का अंदेशा
पिछले महीने लखनऊ की कार्यदाई संस्था सिक्योर कंपनी लिमिटेड द्वारा शहर में उतारे गए अधिकतर इलेक्ट्रानिक और ब्लैक एंड व्हाइट बिजली के मीटरों में गड़बड़ी मिल रही है। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं की सिरदर्दी बढ़ रही है, बल्कि मीटर विभाग की कारस्तानी भी खुल कर सामने आ रही है। परीक्षण में मीटरों के जरिये 70 प्रतिशत से भी ज्यादा बिजली चोरी होना पाया जा रहा है। अधिकतर मीटरों में सीटी वायर काटा जाना, संट लगाना और मीटर के अंदर का टर्मिनल शाट होना पाया गया है।
अधिकारियों को आशंका है मीटर विभाग से जुड़े कि ठेकेदार और उनके सहयोगी बिजली मीटरों को स्लो कर राजस्व को लाखों का नुकसान पहुंचा रहे हैं। सबसे हैरत की बात यह है कि यह गड़बड़ी सिर्फ ब्लैक एंड व्हाइट मीटरों में ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में इलेक्ट्रानिक मीटरों भी मिल रही है। मीटर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सिक्योर कंपनी ने शहर के अलग-अलग मोहल्लों में करीब पांच सौ मीटरों को लगाया है। इनमें दो सौ मीटरों का परीक्षण किया गया है। अधिकतर मीटर स्लो पाए गए हैं। इलेक्ट्रानिक मीटर भी सत्तर प्रतिशत तक स्लो मिल रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शहर में दो माह पहले चेकिंग कर उतारे गए बिजली के मीटरों में अजब-गजब जुगाड़ सामने आ रहा है। मीटर स्लो करने वाले मीटर विभाग के ही कुछ ऐसे कारामाती लोग हैं, जिन्होंने बिजली मीटरों को साठ से सत्तर प्रतिशत तक स्लो कर दिया है। अभी यह गड़बड़ी सिर्फ घरेलू मीटर में ही मिल रहा है।
हालांकि एसडीओ मीटर हरिओम का कहना है कि उतारे गए मीटरों का परीक्षण पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। मीटर के परीक्षण के लिए निर्धारित तिथि पर उपभोक्ताओं को बुलाकर उनके सामने मीटर का परीक्षण किया जाता है। जिसमें सत्तर प्रतिशत तक मीटर स्लो पाए जा रहे हैं।