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शाम को बसें गायब, रात में चल रही हैं खाली

Mon, 22 Aug 2016 10:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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बसें - फोटो : अमर उजाला
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गोला-लखीमपुर मार्ग पर रोडवेज की अव्यवस्था का हाल, रूट प्लान के कारण स्थिति खराब
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शाम सात बजे के बाद परेशान होते हैं यात्री
रात आठ से 10 बजे के बीच नहीं हैं बसें
10 बजे के बाद लगती है बसों की लाइन
गोला और लखीमपुर के बीच अव्यवस्थित रूट प्लान के कारण रोडवेज के यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है। वजह है शाम को सात बजे से ही गोला मार्ग पर जाने के लिए बस नहीं मिलती, जबकि सीतापुर जाने के लिए तमाम बसें लाइन में लगी रहती हैं। इसका फायदा डग्गामार वाहन उठाते हैं, क्योंकि इस समय यात्रियों की काफी संख्या रहती है। इधर, गोला रूट के लिए रात में 10 बजे के बाद काफी बसें हैं लेकिन उस समय यात्री नहीं होते। 
मालूम हो कि गोला डिपो में निगम की 77 और 43 अनुबंधित बसें हैं। इनमें से निगम की 12 बसें मैलानी से लखनऊ, जबकि 24 अनुबंधित बसें गोला से लखनऊ के लिए चल रही हैं। यह सभी बसें गोला-लखीमपुर मार्ग से ही आती-जाती हैं। इनके अलावा शाहजहांपुर, कैसरबाग, सीतापुर और लखीमपुर डिपो की बसें भी गोला मार्ग पर चलती हैं, फिर भी शाम को गोला रूट के यात्रियों को खासी दिक्कत होती है। गोला-लखीमपुर के दैनिक यात्री हरिवंश कुमार, नरेश कुमार, रामलखन, सुरेेश शर्मा बताते हैं कि गोला डिपो की बसों का रूट प्लान ऐसा बना है, जिससे गोला की कई बसें शाम के समय लखीमपुर बस अड्डे पर होती हैं, लेकिन वे सभी सीतापुर जा रही होती हैं। हालांकि उस समय लखीमपुर डिपो पर गोला जाने के लिए यात्रियों की खासी संख्या होती है। यदि ये बसें उस समय गोला के लिए लगाई जाएं तो काफी सवारियां मिल सकती हैं। इधर, सीतापुर की सवारियां न होने के बाद भी चालकों को खाली बसें लेकर जाना पड़ता है। यात्रियों की भीड़ होने के बाद भी लखीमपुर डिपो के केंद्र प्रभारी और एआरएम बसों का रूट व्यवस्थित नहीं करते। नतीजतन रोजाना लखीमपुर डिपो के पूछताछ केंद्र पर यात्री परेशान होकर जानकारी करते नजर आते हैं। वहीं डग्गामार वाहन चालकों की मौज रहती है।
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इतनी बसें, फिरभी हो रही मारामारी
गोला डिपो         120
लखीमपुर डिपो     60
अन्य डिपो         100 से अधिक

पल्ला झाड़ रहे रोडवेज के अधिकारी
लखीमपुर-गोला रूट के दैनिक यात्री सुरेश कुमार तिवारी, मनोज शुक्ला, श्याम कुमार बताते हैं कि लखीमपुर डिपो पर बस न होने की समस्या के बारे में स्थानीय एआरएम वीके गोस्वामी को जानकारी दी उन्होंने गोला एआरएम से वार्ता करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया, वहीं जब गोला डिपो के एआरएम आरके श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लखीमपुर डिपो पर होने वाली दिक्कत से उनका कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में यात्री परेशान होकर डग्गामार वाहनों का सहारा लेने को मजबूर होते हैं।

आरएम ने कहा, शाम को बढ़ेंगी गोला रूट पर बसें
रोडवेज के हरदोई परिक्षेत्र के प्रबंधक मनोज त्रिवेदी का कहना है कि हर डिपो के केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी होती है कि वह यात्रियों की संख्या को देखे। बसें न होने पर उस रूट पर दूसरे रूट की बस को भेज दें। लखीमपुर में शाम को होने वाली दिक्कत की जानकारी नहीं थी। हर हाल में इस समस्या का समाधान कराया जाएगा और शाम को गोला रूट पर बसें बढ़ाई जाएंगी।
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यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रूट प्लान बनाया गया है। मुझे कोई दिक्कत नहीं लग रही है। शाम को लखीमपुर डिपो की समस्या हो सकती है, जिसे उस डिपो के जिम्मेदार लोगों को देखना चाहिए।
-आरके श्रीवास्तव, एआरएम-गोला डिपो

गोला रूट की जिम्मेदारी गोला डिपो की है, इसलिए उसमें लखीमपुर डिपो का हस्तक्षेप नहीं होता। यदि दिक्कत हो रही है तो उसे दिखवाएंगे।
-वीके गोस्वामी, एआरएम- लखीमपुर डिपो
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