समय से एक घंटे पहले ही गश्त कर थाने लौट गई पुलिस टीम
प्रभारी एसपी ने धौरहरा और ईसानगर एसओ से जताई नाराजगी
तीन दिनों के भीतर तलब किया स्पष्टीकरण
उच्चाधिकारियों के आदेश पर सुबह चार बजे तक होने वाली गश्त की जमीनी हकीकत देखने जब प्रभारी एसपी/एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी सदर कोतवाली और धौरहरा क्षेत्र में निकले तो धौरहरा सर्किल पुलिस की गश्त की हकीकत सामने आ गई। प्रभारी एसपी ने धौरहरा और ईसानगर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने दोनों थानों के एसओ से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है।
चोरी, लूट और राहजनी जैसी अपराधिक घटनाएं न हो। इसके लिए डीजीपी से लेकर एसपी तक गंभीर हैं। अफसर रणनीति बनाकर व्यापक पैमाने पर चेकिंग आदि अभियान चलाते हैं, लेकिन अफसरों के आदेश के बाद भी पुलिस थानों से बाहर निकलने में गुरेज करती है। डीजीपी ने नियमित रूप से रात 12 बजे से लेकर सुबह चार बजे तक हाइवे और देहात के प्रमुख मार्गों पर गश्त करने और पिकेट तैनात रखने के निर्देश हैं, लेकिन खासतौर पर देहात इलाकों के थानों की पुलिस पर आदेशों का असर नहीं दिखता है। रविवार की आधी रात के बाद प्रभारी एसपी/एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी सड़कों पर निकले और सदर कोतवाली और धौरहरा सर्किल क्षेत्र में गश्त व्यवस्था का जायजा लिया। सदर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस पिकेट तैनात मिली और गश्त भी होती दिखी, लेकिन जब वह सुबह करीब तीन बजे धौरहरा सर्किल में पहुंचे तो धौरहरा और ईसानगर पुलिस की पिकेट और गश्त नदारद मिली। इस पर उन्होंने इंस्पेक्टर धौरहरा दिनेश चंद्र मिश्रा और एसओ ईसानगर शिवानंद यादव को कड़ी फटकार लगाई।
प्रभारी एसपी ने बताया कि गश्त में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह अन्य सर्किलों में भी औचक चेकिंग करेंगे। लापरवाही मिलने पर संबंधित थानेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि धौरहरा और ईसानगर के एसओ से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।