पलिया के चंबरबोझ स्थित रपटा पुल पर भरा पानी। संवाद
पलियाकलां। पलिया क्षेत्र के चंबरबोझ से बिलहिया मार्ग पर स्थित रपटा पुल पर करीब 26 करोड़ की लागत से 181 मीटर पुल का निर्माण होना था लेकिन आज तक पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। रूपरेखा तैयार हुए करीब चार माह का समय गुजर चुका है लेकिन निर्माण शुरू न होने से एक बार फिर बारिश के दौरान सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पुल पर पानी चलने लगा है। कई गांव के ग्रामीण इधर से होकर गुजरने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर पुल निर्माण हो जाता तो लोगों को राहत मिल सकती थी।
चंबरबोझ से बिलहिया मार्ग पर स्थित रपटा पुल पर 26.14 करोड़ की लागत से 181 मीटर लंबा पुल बनाने की बात कही जा रही थी। इसके लिए मई माह में बजट पास होने व निर्माण की रूपरेखा तैयार हो गई, लेकिन चार माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद न तो अभी रूपरेखा तैयार हो सकी है और न ही पुल निर्माण के लिए आगे कोई कार्य ही शुरू हो सका है।
वर्तमान हालत में रपटा पुल काफी नीचे है और पहाड़ों पर होने वाली बरसात से नेपाली नदियों का पानी सुहेली नदी में आ गया है। यह पानी आ जाने से एक बार फिर से रपटा पुल पर पानी चलने लगा है। बुधवार को रपटा पुल पर करीब एक फिट तक पुल के शुरुआत से अंत तक पानी बह रहा है। आसपास जल कुंभी का ढ़ेर लगा हुआ है और पानी से होकर बिलहिया की तरफ जाने वाले लोग मुश्किल से इस पर निकल रहे हैं। निकलने वालों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
करीब 40-45 हजार की आबादी हो रही है प्रभावित
शारदा और सुहेली नदी से प्रभावित चंबरबोझ के रपटा पुल को पार करने के बाद कई गांव आते हैं और इन गांवों में करीब 40-45 हजार की आबादी निवास करती है। जो पानी आने के दौरान बाढ़ की चपेट में आ जाती है और आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है। केवल नाव से ही लोग आवागमन कर पाते हैं और पलिया तहसील व जिला मुख्यालय से भी उनका संपर्क टूट जाता है। इस बार भी यही हालात होते नजर आ रहे हैं।
रपटा पुल के लिए मुख्यमंत्री के सामने प्रस्ताव बैठक में रखा गया था और यह प्रस्ताव वहां पास भी हो गया है। बाकी मानसून सत्र और मंजूरी के तहत ही अभी तक कार्ययोजना के बाद काम शुरू नहीं हो सका था। करीब तीन से चार माह अभी भी काम शुरू होने में लग सकते हैं।
- रोमी साहनी, विधायक पलिया