गोला गोकर्णनाथ। महाशिवरात्रि पर्व नजदीक है और शिवनगरी गोला में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होना आवश्यक है, लेकिन शहर के चौराहों और तिराहों पर लगाई गई तीसरी नजर ही बेअसर नजर आ रही है।
व्यस्त यातायात और भीड़भाड़ वाले इस शहर में अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए वर्ष 2024 में विधायक अमन गिरि की क्षेत्रीय विकास निधि से 25 लाख रुपये की लागत से 12 स्थानों पर 30 एचडी सीसीटीवी कैमरे सोलर पैनल के साथ लगाए गए थे। अशोक चौराहा, विकास चौराहा, शिवम चौराहा, नानक चौकी तिराहा और डॉ. भीमराव आंबेडकर तिराहा समेत प्रमुख स्थानों को कवर किया गया था। इनका कंट्रोल रूम कोतवाली में बनाया गया था, जहां से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
बुधवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। कोतवाली के कंट्रोल रूम में 30 में से केवल अशोक चौराहे के दो कैमरे ही चलते दिखाई दिए। बाकी कैमरे या तो तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं या कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे हैं।
प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह ने बताया कि अशोक चौराहा और नानक चौकी के कैमरे चालू हैं। कुछ स्थानों पर बंदरों ने केबिल तोड़ दी है। इंटरनेट डेटा की कमी के कारण भी दिक्कतें आ रही है।
महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़, जुलूस और बाजारों में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता अत्यंत जरूरी है। ऐसे में कैमरों का बंद रहना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
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-डेटा और मेंटेनेंस के लाले-
सभी कैमरों को वाई-फाई से कनेक्ट करने के लिए मासिक या वार्षिक प्लान पर लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आता है। इसके अलावा मेंटेनेंस का खर्च अलग है। ऐसे में पुलिस आसपास के अनलिमिटेड डाटा प्लान वाले व्यापारियों, दुकानदारों या समाजसेवी संगठनों से सहयोग की अपेक्षा करती है। कुल मिलाकर सीसी कैमरों का संचालन जनसहयोग पर निर्भर नजर आता है।
वर्जन
नगर की सुरक्षा के लिए सोलर पैनल युक्त एचडी सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इनकी देखरेख और कंट्रोल गोला पुलिस को सौंपा गया है। महाशिवरात्रि से पूर्व सभी कैमरों को दुरुस्त कर सक्रिय कराया जाएगा।
-अमन गिरि, विधायक, गोला गोकर्णनाथ