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भयभीत ग्रामीण: घाघरा नदी की लहरों में समा गया बाछेपारा गांव, नदी का रुख अब बिंजहा की ओर

Sat, 21 Aug 2021 08:06 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, खीमपुर खीरी

सार

150 परिवार वाले बाछेपारा गांव में करीब 2000 की आबादी थी। गांव के लोग हंसी खुशी अपना जीवन गुजार रहे थे। हंसते खेलते गांव को जैसे किसी की नजर लग गई और देखते ही देखते घाघरा नदी की विनाशकारी लहरों में पूरा गांव समा गया। 
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घाघरा नदी का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रमियाबेहड़ ब्लॉक में घाघरा नदी ने तबाही मचाते हुए बाछेपारा गांव का वजूद मिटा दिया है। अब नदी ने बिंजहा गांव की तरफ रुख किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बचाव कार्य तेज नहीं किया गया तो बिंजहा गांव को भी नहीं बचाया जा सकेगा। 

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तहसील मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर रमियाबेहड़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत भटपुरवा बिंजहा के गांव बाछेपारा में करीब 150 परिवार रहते थे। पिछले साल नदी ने कटान कर कुछ घरों को काट दिया था। तब सिंचाई विभाग ने 5.18 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास कर गांव को बचाने का काम शुरू किया था। इससे कटान कुछ हद तक धीमा हुआ और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस साल एक बार फिर घाघरा ने ऐसी विनाशलीला रची कि बाछेपारा गांव का वजूद ही मिट गया। ग्रामीणों को अपने खून पसीने की कमाई से बनाए घरों को अपने हाथों से ही तोड़ना पड़ा। अब सरकारी स्कूलों और सड़कों के किनारे आशियाना बनाकर जीवन गुजारने को मजबूर हैं। तहसील प्रशासन की ओर से सिर्फ तिरपाल और पिपिया देकर उनके जख्मों पर मरहम लगाया गया है।

बिंजहा गांव से सिर्फ 50 मीटर दूर नदी कर रही कटान
150 परिवार वाले बाछेपारा गांव में करीब 2000 की आबादी थी। गांव के लोग हंसी खुशी अपना जीवन गुजार रहे थे। हंसते खेलते गांव को जैसे किसी की नजर लग गई और देखते ही देखते घाघरा नदी की विनाशकारी लहरों में पूरा गांव समा गया। घाघरा नदी की तबाही यहीं नही रुकी अब घाघरा नदी ने बिंजहा गांव की तरफ रुख कर लिया है। नदी गांव से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर बह रही है और धीरे धीरे कटान कर गांव के करीब आ रही है। जिससे गांव वालों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बचाव कार्य तेज नही किया गया तो बिंजहा गांव भी नदी में समा जाएगा।
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गांवों को कटान से बचाने के लिए बचाव कार्य चल रहा है। नदी में पानी बढ़ा है इससे नदी का कटान इस समय रुका हुआ है। पानी अधिक होने से बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। फिलहाल बिंजहा गांव पर कोई खतरा नही है। -बीडी गौतम, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड शारदानगर

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