लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के टेंडर में कूटरचित अनुभव प्रमाणपत्र लगाना एक फर्म संचालक को भारी पड़ गया। सत्यापन में इसका खुलासा होने पर डीएम ने संबंधित फर्म को काली सूची में डालते हुए 1.34 लाख रुपये की जमा जमानत राशि जब्त कर ली। साथ ही कानपुर में कराए गए आयोजन के भुगतान में 10 प्रतिशत कटौती की भी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन के लिए आजमगढ़ की मां विंध्यवासिनी फर्म ने जेम पोर्टल पर टेंडर डाला था, जिसमें फर्म ने कानपुर नगर के खंड विकास अधिकारी घाटमपुर का वित्तीय वर्ष 2022-23 का अनुभव प्रमाणपत्र अपलोड किया। इसका सत्यापन जिला समाज कल्याण अधिकारी कानपुर नगर को भेजकर कराया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भेजी रिपोर्ट में बताया कि इस अनुभव प्रमाणपत्र पर कूटरचित व फर्जी हस्ताक्षर हैं। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजन के लिए चयन किया गया था। ब्लाॅकों में संतोषजनक आयोजन न करने पर फर्म के भुगतान से 10 प्रतिशत की कटौती की गई। इस पर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने फर्म को ब्लैक लिस्ट करते हुए कार्रवाई की।