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जुलाई में अब तक सिर्फ 30 मिलीमीटर हुई औसत वर्षा

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जुलाई 2020 में 359 मिलीमीटर हुई थी औसतन बारिश, अबकी बन रहे हैं सूखे जैसे हालात
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सभी पूर्वानुमान फेल होने के बाद मौसम विभाग ने अब 17 जुलाई से बारिश की जताई संभावना
लखीमपुर खीरी। जुलाई का पहला पखवाड़ा बीत गया है, जिसमें कुछ जगहों पर नाममात्र 30 मिलीमीटर औसतन बारिश हुई है। इससे जनपद में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। खेतों में धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन बारिश न होने से कई खेतों में धान की फसल सूखने के कगार पर है। सभी पूर्वानुमान फेल होने के बाद मौसम विभाग ने एक बार फिर 17 जुलाई से झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना जताई है।
मानसून का आगमन होने के बावजूद बारिश न होने से आम लोगों सहित किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान होने की आशंका में किसान परेशान हैं। धान के उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है, जबकि मौसम विभाग करीब एक सप्ताह से लगातार बारिश होने का पूर्वानुमान जता रहा है। जुलाई में हर साल अच्छी बारिश होती रही है, लेकिन इस वर्ष बारिश न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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जुलाई में सिर्फ दो दिन कुछ जगहों पर बारिश हुई है। मोहम्मदी क्षेत्र में 16.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि निघासन क्षेत्र में 44.8 मिलीमीटर। पिछले वर्ष जुलाई 2020 में 359.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस लिहाज से 10 प्रतिशत भी बारिश नहीं हुई है, जो निश्चित ही फसलों पर बुरा प्रभाव डालेगी।
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हालांकि जून 2021 में 482.4 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई थी, लेकिन तब धान की रोपाई प्रारंभ नहीं हुई थी। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि कम दबाव होने के कारण इस बार जुलाई में अभी तक बारिश कम हुई है। उन्होंने एक बार फिर 17 जुलाई से झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना जताई है।
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