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Lakhimpur Kheri News: एक और गैंडा दुधवा के खुले जंगल में आजाद

Tue, 24 Mar 2026 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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दुधवा में रेस्क्यू की गई मादा गैंडा। स्रोत: पार्क प्रशासन - फोटो : सांकेतिक
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पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में गैंडों के स्वच्छंद विचरण का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है। बाड़े से निकालकर गैंडों को खुले जंगल में छोड़ने के तीसरे चरण का अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। तीसरे दिन एक और मादा गैंडे को ट्रैंक्युलाइज कर सुरक्षित तरीके से प्राकृतिक वन क्षेत्र में अवमुक्त किया गया।
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अभियान के दौरान महावतों और चाराकटरों की टीम ने सुबह से ही जंगल में डेरा डाल दिया था। गैंडे की लोकेशन ट्रेस करने में समय लगा, लेकिन वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम ने मादा गैंडे (दीपा के प्रथम शावक) को खोज लिया। विशेषज्ञों की निगरानी में उसे बेहोश कर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और इसके बाद सुरक्षित तरीके से खुले जंगल में छोड़ दिया गया।
तीन दिवसीय इस अभियान में अब तक कुल चार गैंडे खुले जंगल में छोड़े जा चुके हैं। इससे पहले सोमवार को नर गैंडा हर्ष और मादा गैंडे सुषमा व राशी को अवमुक्त किया गया था।
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यह पूरा अभियान दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक डॉ. एच. राजामोहन के निर्देशन में चला, जबकि उपनिदेशक जगदीश आर भी मौके पर मौजूद रहे। इस संवेदनशील ऑपरेशन में पद्मश्री डॉ. केके शर्मा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के अमित शर्मा व डॉ. जी. अरिंद्रन सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट और गोरखपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों और वन कर्मियों ने भी अभियान में अहम भूमिका निभाई। अब अवमुक्त गैंडों के व्यवहार पर वन विभाग की टीमें लगातार नजर रख रही हैं, ताकि उन्हें नए वातावरण में ढलने में कोई परेशानी न हो।
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हाईटेक तकनीक से रखी जा रही नजर
दुधवा नेशनल पार्क में मुक्त गैंडों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने अत्याधुनिक रेडियो कॉलर ट्रैकिंग सिस्टम को मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ दिया है। अब 24 घंटे उनकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। उप प्रभागीय वनाधिकारी दीपक कुमार पांडे के नेतृत्व में अंतर्रेंज और अंतर्प्रभागीय टीमें गठित की गई हैं। दुधवा के वन्यजीव प्रतिपालक महावीर सिंह के निर्देशन में टीमें गैंडों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार यदि कोई गैंडा अपने निर्धारित क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश करता है तो संयुक्त टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालेगी। फिलहाल, सभी गैंडे पार्क के सुरक्षित फेंस क्षेत्र के भीतर ही विचरण कर रहे हैं।
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