फरधान। खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। शंकरपुर समिति में खाद का वितरण बीच में बंद होने से परेशान किसानों ने बुधवार को सड़क पर जमकर हंगामा किया। आरोप है सचिव बिना खाद वितरित किए चले गए। जाम खुलवाने के लिए पहुंची पुलिस से किसानों की झड़प हुई। काफी देर बाद यातायात बहाल हुआ।
बुधवार दोपहर शंकरपुर समिति में खाद वितरित हो रही थी। किसानों के साथ दर्जनों महिलाएं भी आईं थीं। समिति के सचिव प्रदीप पटेल कुछ लोगों को खाद देने के बाद मशीन खराब बताकर चले गए। शंकरपुर निवासी अखिलेश कुमार, अरविंद कुमार, उपेंद्र, कृष्णामोहन दीक्षित, रामशरन, फत्तेपुर निवासी रामचंद्र सिंह आदि किसानों का कहना है कि सचिव ने समिति पर 20 से 25 किसानों को खाद दी। जिन्हें पहले पर्ची दी गई थी उनको खाद नहीं दी गई। नई पर्ची बनाकर उनको दो-चार बोरी देने के बाद मशीन खराब बताकर खाद वितरण बंद कर दिया गया।
किसानों का कहना है कि समिति में खाद थी फिर भी नहीं दी गई। नाराज महिलाओं और किसानों ने लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। सड़क जाम होने की वजह से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पाकर पुलिस जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंची और सड़क पर बैठीं महिलाओं को हटाने लगी। इससे पुलिस और महिलाओं में झड़प हुई। काफी प्रयास के बाद यातायात बहाल हो सका। प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि खाद को लेकर किसानों ने जाम लगाया था। भारी हंगामा होने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी।
समिति सचिव प्रदीप पटेल ने बताया कि समिति में खाद है। आज 114 बोरी वितरित की गईं हैं। दो से तीन बजे के बीच सर्वर डाउन होने से मशीन काम नहीं कर रही थी। इसकी सूचना जिले से मिली थी। इसलिए दो बजे वितरण बंद कर दिया गया था। खाद का गुरुवार को भी वितरण होगा।
महिला ने पुलिस पर डंडा मारने का लगाया आरोप
क्षेत्र के गांव मनवापुर निवासी राजकुमारी अपने घर के राजकिशोर और विजय के साथ खाद लेने आईं थीं। आरोप है कि जब सड़क जाम की गई थी उसी समय एक सिपाही ने उन्हें डंडा मार दिया। इससे लोग भड़क गए।
इफको केंद्र खाद लेने पहुंचीं महिलाओं में हुई हाथापाई
- मैगलगंज गल्ला मंडी में काफी देर तक चला बवाल, पुलिस ने संभाली स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
मैगलगंज। मैगलगंज गल्ला मंडी स्थित इफको केंद्र पर बुधवार को यूरिया वितरण के दौरान बड़ी अव्यवस्था देखने को मिली। खाद के लिए लंबी लाइन में लगी महिलाओं के बीच उस समय झड़प हो गई, जब कुछ महिलाएं बिना कतार के घुसने लगीं। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि महिलाओं में हाथापाई हो गई। खाद वितरण के लिए मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
कई दिनों के बाद बुधवार को इफको केंद्र पर यूरिया खाद की आपूर्ति पहुंची थी। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान केंद्र पर पहुंच गए। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं, जो सुबह से ही भूखी-प्यासी कतार में खड़ी थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि खाद वितरण की प्रक्रिया बेहद धीमी रही, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
महिलाओं ने बताया कि वे घर का सारा कामकाज छोड़कर सुबह से लाइन में लगी हैं, फिर भी उन्हें समय पर खाद नहीं मिल सकी। इस दौरान कुछ अन्य महिलाओं ने कतार में घुसने की कोशिश, जिन्हें पहले से लगी महिलाओं ने धकेल दिया। हालांकि पुलिस ने स्थिति संभाल ली।उधर, महिला किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण की प्रक्रिया बहुत धीमी होने के साथ साथ केंद्र प्रभारी द्वारा कुछ चहेते लोगों को लाइन से हटकर सीधे खाद दे दी जाती है। महिलाओं ने कहा कि हर बार खाद वितरण के समय इसी तरह की अव्यवस्था होती है, लेकिन प्रशासन या कृषि विभाग इसका कोई स्थायी समाधान नहीं कर रहा। मांग की कि खाद वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित की जाए, ताकि सभी को समय पर खाद मिल सके।
यूरिया लेने आई भीड़ को शांत कराती पुलिस। स्रोत: सोशल मीडिया