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एंबुलेंस कंपनी ने तीन माह में लगाई 7.5 करोड़ की चपत

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महिला अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस।
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अब खंगाला जाएगा कंपनी का पिछले दस साल का रिकार्ड
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एंबुलेंस घोटाला
- 16,875 फर्जी केस दर्ज कर शासन से हड़पी यह धनराशि
- गर्भवती को लाने और घर छोड़ने के मिलते हैं 4500 रुपये
लखीमपुर खीरी। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए फ्री में सरकारी अस्पताल पहुंचाने वाली सेवा प्रदाता एंबुलेंस कंपनी ने सरकार को तीन माह में ही साढ़े सात करोड़ की चपत लगाई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि तीन माह में जब 16,875 केस फर्जी निकले हैं तो पिछले दस साल में कितने केस फर्जी दर्ज किए गए होंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसलिए अब पिछले दस साल का कंपनी का रिकार्ड खंगाला जाएगा। यहां बता दें कि स्वास्थ्य विभाग एक केस के लिए सेवा प्रदाता एंबुलेंस कंपनी को करीब 4500 रुपये का भुगतान करता है।
जच्चा-बच्चा की मृत्युदर कम करने के लिए साल 2012 में एंबुलेंस सेवा की शुरूआत हुई थी। इसके लिए घरवालों को 102 नंबर पर फोन करना पड़ता है, जिसके बाद एंबुलेंस स्टाफ गर्भवती को घर से लाकर प्रसव के लिए नजदीकी प्रसव केंद्र पर भर्ती कराता है।
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एंबुलेंस कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कंपनी को केस के अनुसार, सरकार से पेमेंट मिलता है। इसलिए अधिकारी ज्यादा से ज्यादा केस करने का दबाव बनाते हैं। यदि फर्जी केस न दर्ज करें तो नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। रोजी-रोटी के डर से फर्जी केस आईडी बना देते हैं, जिसका जांच में अब खुलासा हो रहा है।
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एंबुलेंस से आईं गर्भवती महिलाएं = जांच में फर्जी निकले केस
ब्लॉक- फरवरी, मार्च, अप्रैल = फरवरी, मार्च, अप्रैल
बांकेगंज- 346, 457, 443 = 181, 278, 286
बेहजम- 589, 739, 556 = 373, 445, 315
बिजुआ- 494, 569, 540 = 127, 264, 150
धौरहरा- 419, 416, 461 = 103, 76, 79
ईसानगर- 435, 552, 742 = 289, 359, 528
कुंभी गोला- 766, 936, 896 = 447, 607, 536
मितौली- 699, 714, 843 = 464, 284, 450
मोहम्मदी- 728, 933, 1020 = 478, 624, 611
नकहा- 414, 546, 506 = 135, 348, 105
निघासन- 487, 521, 503 = 255, 259, 300
पसगवां- 352, 422, 442 = 173, 247, 256
पलिया- 603, 753, 774 = 316, 412, 465
फूूलबेहड़- 411, 438, 374 = 239, 265, 190
रमियाबेहड़- 442, 557, 608 = 265, 418, 301
महिला अस्पताल-1524,1728,1832 =1056,1208,1403

102 एंबुलेंस के अलावा 108 के केसों की भी जांच होनी है। इसमें से 102 की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन फाइल हमारे सामने अभी नहीं आई है। 108 की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जल्द ही कंपनी का 2012 से रिकार्ड खंगाला जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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