लखीमपुर खीरी। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 20 से अधिक बच्चों की मौत के बाद लोग दहशत में हैं। उनका बाकी कंपनी के कफ सिरप से भी विश्वास उठ गया है। इसका असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है।
जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री शरद मेहरोत्रा ने बताया कि पहले कफ सिरप की अच्छी-खासी मांग थी। लोग गर्मी से आने के बाद ठंडा पानी पीते थे, इससे खांसी की शिकायत रहती थी। इसलिए बाजार में कफ सिरप की सीजन में मांग बढ़ जाती थी। ऐसे में पूर्व के वर्षों में करीब 10 लाख रुपये तक के सिरप मंगाते थे, लेकिन इस बार बिक्री कम होने से पांच लाख रुपये तक का ही माल अपनाया है। सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप के सिर्फ एक ही बैच को बंद किया गया है, जो अपने जिले में आता भी नहीं है। इसके बावजूद लोग कफ सिरप खरीदने से डर रहे हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि दो साल तक के बच्चों को वैसे भी कफ सिरप नहीं पिलाना चाहिए। दो-तीन दिन में स्वत: उनकी खांसी सही हो जाती है। इसके अलावा अधिक उम्र में खांसी होने पर काढ़ा या अदरक को शहद के साथ खाने पर भी खांसी सही हो जाती है।