विधायक ने कहा - सभी को जीत की बधाई, भले एक ने धोखा दिया
सोशल मीडिया पर चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग और खरीदफरोख्त की चर्चा
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित होने के बाद अब दोनो ही दलों में क्रॉस वोटिंग और पाला बदलने सदस्यों पर मंथन चल रहा है। सोशल मीडिया में गोला विधायक अरविंद गिरि का एक बधाई संदेश रविवार को चर्चा में रहा। इसमें उन्होंने उन्होंने अपने क्षेत्र के नौ जिला पंचायत सदस्यों को भाजपा की जीत पर बधाई और यह भी जिक्र किया कि इसमें एक सदस्य ने धोखा दिया।
सपा ने अपने छह सदस्यों को भाजपा द्वारा तोड़ने की बात कही। वहीं, सूत्रों की मानें तो सपा ने भाजपा के पांच सदस्य तोड़ लिये।
शनिवार शाम भाजपा के ओम प्रकाश भार्गव के जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ही राजनीतिक अड्डों पर वोट को लेकर चर्चा होने लगी थी। रविवार को गोला विधायक अरविंद गिरि का एक बधाई संदेश वायरल हुआ। इसमें उन्होंने लिखा कि वह अपनी विधान सभा के नौ सदस्यों को भाजपा के पक्ष में वोट करने पर उनको बधाई देते हैं, जबकि एक ने धोखा दे दिया। उन्होंने लिखा कि सिवा एक के अन्य सभी ने बिना किसी मान मनौव्वल के हर संभव सहयोग करते हुए उनका व भाजपा जिलाध्यक्ष का अनुरोध स्वीकार किया और भाजपा के प्रत्याशी को जिताया। इसके लिये सभी को बधाई। इस बाबत जब अरविंद गिरि से बधाई संदेश की सच्चाई जानने के लिये फोन किया गया तो उन्होंने इसे अपना वक्तव्य बताया।
सूत्रों की मानें तो भाजपा के पक्ष में कुल 43 सदस्य थे, जिनमें से 40 बस के जरिये कलेक्ट्रेट वोट करने पहुंचे थे। लेकिन भाजपा को 38 वोट मिले। इससे साफ है कि भाजपा के पांच समर्थक सदस्यों ने उसका साथ नहीं दिया। उधर, सपा जिलाध्यक्ष रामपाल यादव की माने तो उनके पास 40 सदस्य थे, जिनमें से छह को भाजपा ने तोड़ लिया। उनका कहना है कि सपा को 31 वोट मिले, जबकि तीन वोट निरस्त हो गए। इससे उनके 34 सदस्य हुए। सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि उनके छह सदस्यों को प्रशासन ने मुकदमे और व्यापार में अड़चन लगाने का डर दिखाकर तोड़ लिया। इसलिए उन्होंने भाजपा के पक्ष में वोट किया।
फेसबुक पर खुला मोर्चा तो हटवाई गई पोस्ट
विधायक अरविंद गिरि के एक करीबी विश्वनाथ सिंह ने फेसबुक पर भाजपा का साथ न देने वाले सदस्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने लिखा कि जिला पंचायत चुनाव में परिणाम घोषित होने के बाद यह भाजपा में शामिल होने के लिये विधायक जी के साथ हो गए। लेकिन, जब जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ तो सुविधा शुल्क लेकर मतदान की बात करने लगे। ऐसे दोहरे चरित्र के व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिये, जो सुविधा शुल्क के नाम पर शराब और पैसे की मांग करे। वहीं इस मामले में जब विधायक अरविंद गिरि की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि यह गलत तरीका है, उन्होंने वह पोस्ट डीलिट करवा दी है।