लखीमपुर खीरी। जिले में पिछले वर्ष मलेरिया के अधिक मामले सामने आने के बाद 63 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया गया है। इन गांवों में इस बार विशेष सफाई अभियान चलाने, स्वास्थ्य कैंप आयोजित करने और ग्रामीणों को जागरूक करने की योजना बनाई गई है।
मलेरिया से निपटने के लिए पंचायत, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि फरधान क्षेत्र के रजागंज, करनपुर, बेहटा, बिझौली, चिंतापुरवा, रमवापुर, मुड़िया, धनगवां, नौवा खेड़ा, मूर्तिहा, रहमत नगर, ढखवा, पचपेड़वा, दुघरा, कैमहरा, नयागांव, राजेपुर, फरधान, मूड़ाबुजुर्ग, बगहा, धौरहरा खुर्द, बेल, भुलभुलिया, जोधपुर, देवीपुरवा, बेलवा, देवरिया आदम, लोनी पुरवा, सोफियापुर, मछेदिया, कादीपुर, चककमला, ललवापुर, लगुचा, इकबालपुर, बरतेवा, टीकर, टीकरपुरवा, गुरावनपुरवा, कैमाखादर, अमकोटवा और परसेरा गांव संवेदनशील सूची में शामिल हैं।
इसी प्रकार नकहा क्षेत्र के अशोगापुर, नकहा, केवलपुरवा, जगसड़, लोधनपुरवा, छंगाकौड़ी, सरसवा, सरसवापुरवा, डललापुरवा, कटकुसुमा, ढखियापुरवा, कोढीपुरवा, चौपुर, पड़री, देवरिया, मोहद्दीपुर, महोला, बैबहा, कोरैया और कादीपुर गांवों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
मलेरिया के प्रसार को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित गांवों में नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों के जरिये कैंप लगाकर जांच और उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।