लखीमपुर-खीरी। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला महिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में उच्च गुणवत्ता के मॉनिटरिंग उपकरणों की कमी से गर्भवतियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के लिए जरूरी आधुनिक मॉनिटर (हार्ट रेट, बीपी और ऑक्सीजन स्तर दिखाने वाले उपकरण) उपलब्ध नहीं हैं।
वर्तमान में पुराने पोर्टेबल मॉनिटर के सहारे ऑपरेशन किए जा रहे हैं, लेकिन गंभीर मामलों में मरीजों को रेफर करना पड़ता है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी ऑपरेशन के दौरान मॉनिटरिंग सिस्टम बेहद जरूरी होता है, ताकि मरीज की नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर पर लगातार नजर रखी जा सके। इसके अभाव में छोटी चूक भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
-
ओटी में पुराने मॉनिटर हैं। अत्याधुनिक मॉनिटर के लिए प्राचार्य से मांग की जा चुकी है। जिला महिला अस्पताल जल्द नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो रहा है, जहां गर्भवतियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
-डॉ. अमित गुप्ता, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
-
पसगवां सीएचसी में मशीनें हैं, पर सर्जन नहीं
पसगवां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पसगवां में हर माह करीब 60-70 गर्भवतियों का सामान्य प्रसव कराया जाता है, जबकि 8-10 महिलाओं को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। सीएचसी के प्रसव कक्ष में वार्मर, सक्शन मशीन, डॉप्लर और वजन मशीन उपलब्ध हैं, लेकिन सर्जन की तैनाती न होने से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन के लिए जिला महिला अस्पताल या अन्य हायर सेंटर जाना पड़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि सर्जन के अभाव में ऑपरेशन संभव नहीं है, इसलिए मरीजों को रेफर किया जाता है। संवाद