धौरहरा। रजिस्ट्री दफ्तर में एक बुजुर्ग का आधार संशोधन कराने के बाद मनरेगा के रुपये दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने पांच बीघा जमीन की रजिस्ट्री करा ली। शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
तहसील क्षेत्र के सुर्जनपुर गांव में धोखाधड़ी से बैनामा कराने का मामला सामने आया है। तीरथराम पुत्र लालता निवासी ग्राम अंबरपुर मजरा सुर्जनपुर थाना खमरिया ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने छह अगस्त को सुबह घर आकर मनरेगा से उसके खाते में पैसे दिलवाने की बात कहकर आधार पास बुक के साथ पहले उसे खमरिया बैंक ले गए।
वहां खाते में कुछ गड़बड़ी होने की बात कही और उसे धौरहरा तहसील ले गए। वहां उसको 200 रुपये देकर उससे उसकी गाटा संख्या 642 में से पांच बीघा जमीन बगैर बताए एक महिला के नाम रजिस्ट्री करवा दी। करीब एक महीने बाद उसके घर तहसील से नोटिस देने गए कर्मचारी ने उन्हें जैसे ही बताया कि उन्होंने पांच बीघा जमीन की रजिस्ट्री हो गई है तो पीड़ित बुजुर्ग व उनकी पत्नी रोने लगी। यह देख कर्मचारी बगैर नोटिस दिए ही रफूचक्कर हो गया।
इसके बाद बुजुर्ग अपने रिश्तेदारों के साथ तहसील जाकर एसडीएम शशिकांत मणि, तहसीलदार आदित्य विशाल सहित रजिस्ट्रार ऑफिस और कोतवाली खमरिया में तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक खमरिया ओपी राय ने जांच शुरू कर दी। इस दौरान रजिस्ट्री करवाने वाले आरोपी की बातों से फर्जीवाड़े का शक हुआ तो उन्होंने आठ दिन के अंदर रजिस्ट्री वापस लेने के लिए कहा है। इसके बाद से फर्जीवाड़ा करने वाले बचाव के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों की चौखट पर दस्तक देने लगे हैं।
इस मामले में एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि मामला गंभीर है, जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। प्रभारी निरीक्षक ओपी राय ने बताया धोखाधड़ी कर बैनामा कराने का आरोप है। जांच की जा रही दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।