बिजुआ। गांव चंदपुरा की एक गर्भवती महिला को आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र नौसर जोगी में इलाज से वंचित रखने का मामला सामने आया है। आरोप है इलाज न मिलने से गर्भ में पल रहे सात माह के शिशु की मौत हो गई।
पीड़िता की मां रामदुलारी ने बताया कि उनकी पुत्री शिवानी देवी का इलाज गर्भावस्था शुरू होने से ही डुंड़वा नौसरजोगी उपकेंद्र पर एएनएम ज्योति गुप्ता पिछले आठ महीने से कर रहीं थीं। 10 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर शिवानी को उपकेंद्र लाया गया। आरोप है कि एएनएम ने दवा के 600 रुपये मांगे। परिजनों के पास उस समय रुपये नहीं थे। इस पर एएनएम ने दी गईं दवाइयां वापस ले लीं और उसे वापस भेज दिया।
मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मोटरसाइकिल से लखीमपुर ले गए। वहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की मौत दो घंटे पहले ही गर्भ में मौत हो चुकी है। उधर, एएनएम ज्योति गुप्ता ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पीड़िता चार माह बाद अस्पताल आई थी। परिजन सात माह में ही प्रसव कराने का दबाव बना रहे थे। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रसव का समय 22 सितंबर था।
ऐसे में 10 जुलाई को प्रसव कराने से जच्चा और बच्चा दोनों को खतरा हो सकता था। इसलिए प्रसव करने से मना कर दिया था। मामले का शिकायती पत्र कोतवाली भीरा में दिया गया है। कोतवाल गोपाल नारायण ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।