लखीमपुर-खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए योजना की बिंदुवार समीक्षा की। कहा कि अधिकारी अपने गोद लिए गांवों का नियमित भ्रमण कर उसकी आख्या उन्हें दें।
डीएम ने समीक्षा के दौरान उन्होंने गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलने वाले पोषाहार व उसकी मात्रा के बारे में भी जानकारी की। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों से अच्छा बर्ताव करें। बताते चले कि पोषण मिशन के अंतर्गत डीएम, सीडीओ समेत कुल 38 अधिकारियों ने ग्राम सभाओं को गोद लिया है। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि माह नवंबर 2017 में कुल 26 अधिकारियों ने भ्रमण आख्या भेजी है और 12 अधिकारियों ने अभी तक नहीं भेजी है। जिसपर डीएम ने आख्या न देने वाले अधिकारियों को अनुस्मारक पत्र भेजकर तीन दिन के अंदर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भ्रमण आख्या भेजने वाले अधिकारियों में सबसे बेहतर आख्या जिला सेवायोजन अधिकारी रत्नेश चंद्र की पाई गई, जिस पर डीएम ने उनकी सराहना की। इसके बारे में विस्तार से अपने अनुभवों को साझा करें, जिससे और भी अधिकारी बेहतर रिर्पोटिंग कर सके। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि ग्राम सभा भ्रमण के दौरान पाया गया कि एएनएम एवं ग्राम प्रधान अनटाइड फंड की धनराशि का व्यय नही किया जा रहा है। जिस पर डीएम ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य एवं पंचायतीराज विभाग यह सुनिश्चित करें कि अनटाइड फंड में अभी तक कितनी धनराशि हस्तांतरित की गई और उसके सापेक्ष कितना व्यय हुआ और कितनी धनराशि अभी तक शेष है।
डीएम ने बैठक में मौजूद पोषण विशेषज्ञ विकास सिंह को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं में पोषण तत्वों की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक फल और सब्जियों का चार्ट बनाए। बैठक में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार वर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम, डॉ. बीबी राम, जिला पोषण विशेषज्ञ विकास सिंह और पोषण मिशन के अंतर्गत ग्राम सभा गोद लेने वाले सभी अधिकारी मौजूद रहे।