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Lakhimpur Kheri News: 50 मीटर बांध घाघरा नदी में समाया

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मिट्टी भरी बोरियां डालकर तटबंध कटान रोकने की कोशिश करते मजदूर। संवाद
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रमिया बेहड़। ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी घाघरा नदी पिछले दो दशक में डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों काे काट चुकी है।
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विगत वर्ष रामनगर बगहा में 566.42 करोड़ की लागत से बनी 800 मीटर परियोजना को करीब 50 मीटर काटकर घाघरा नदी खेतों की तरफ बढ़ रही है। इससे घबराए किसानों ने एसडीएम धौरहरा को प्रार्थनापत्र देकर कटान रोकने को गुहार लगाई है ।



एसडीएम धौरहरा ने घाघरा कटान की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजा। लेखपाल की जांच रिपोर्ट मिलने पर सिंचाई विभाग से वार्ता करके तत्काल राहत बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
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जेई बलराम गुप्ता ने बताया कि घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने से शुरू हुए कटान को रोकने के लिए जेसीबी मशीन से स्लोब बनाकर बंबू कैरेट और बोरियों में आरबीएम भरकर लगाया जा रहा है। कटान रुक गई है, परियोजना सुरक्षित है।



शारदा नदी में समा रही करोड़ों की परियोजना
- सिंचाई विभाग ने मिट्टी भरकर और बांस के कैरेट लगाकर शुरू की कटान रोकने की कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजुआ। गांव बझेड़ा में शारदा नदी की तेज धारा सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपये की परियोजना को निगल रही है। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग अब बोरियों में मिट्टी भरकर और बांस के कैरेट लगाकर कटान रोकने की कोशिश कर रहा है।
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विभाग के कर्मचारी 24 घंटे से अधिक समय से बोरियों में मिट्टी भरकर डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मिट्टी की बोरियों के सेट कल से ही शारदा नदी की तीव्र धारा में बह गए हैं। बृहस्पतिवार की सुबह से बांस के कैरेट लगाए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता कुंदन लाल ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। बचाव कार्य निरंतर जारी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही क्षतिग्रस्त बंधा फिर से तैयार कर लिया जाएगा।

मिट्टी भरी बोरियां डालकर तटबंध कटान रोकने की कोशिश करते मजदूर। संवाद

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