लखीमपुर/संसारपुर। बांकेगंज ब्लॉक बोझिया में सोमवार को किशोर ऋतिक की मौत के बाद मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम गांव पहुंची। परिवार के सभी सदस्यों के साथ ही गांव के करीब 40 लोगों की मलेरिया-डेंगू सहित अन्य जांच की गई। जांच में सभी सैंपल निगेटिव आए हैं।
परिवार और प्राइवेट जांच रिपोर्ट के आधार पर किशोर की मौत डेंगू से हुई है। उसको कई दिन से बुखार आ रहा था। मल के साथ खून आ रहा था। उसका इलाज प्राइवेट में चल रहा था, जहां उसकी मौत हो गई। लक्षणों को देखते हुए डेंगू का संकेत था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बिना एलाइजा जांच डेंगू होने से इन्कार कर रहा है।
बांकेगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि बच्चे का इलाज प्राइवेट में कराया गया था। सरकारी अस्पताल में आता तो मौत की वजह स्पष्ट हो पाती है। बिना एलाइजा जांच डेंगू नहीं कहा जा सकता है। बच्चे की मौत की सूचना पर टीम भेजा था। परिवार सहित काफी लोगों की जांच कराई गई, जिनकी सभी रिपोर्ट निगेटिव आईं। टीम ने वहां पर दवाएं भी वितरित कीं। स्वास्थ्य टीम में सीएचओ पारुल वर्मा, एएनएम अर्पिता वर्मा, पूनम वर्मा, आशा राजकुमारी, आशा संगनी, पूनम पटेल आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
गांव बोझिया भी पहुंची स्वास्थ्य टीम
संसारपुर। ब्लॉक बांकेगंज के ग्राम बोझिया में सोमवार को डेंगू से हुई किशोर ऋतिक की मौत के बाद मंगलवार को बांकेगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अमित सिंह ने गांव बोझिया में टीम भेजकर ग्रामीणों की जांच करवाई। सीएचओ पारुल वर्मा ने बताया कि 40 ग्रामीणों का डेंगू और मलेरिया टेस्ट किया गया। इसमें सभी जांचें निगेटिव आईं। इस मौके पर एएनएम अर्पिता वर्मा, पूनम वर्मा, आशा राजकुमारी, आशा संगनी, पूनम पटेल सहित कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। संवाद