लखीमपुर खीरी। गेहूं खरीद शुरू हुए एक माह बीत गया है, जिस दौरान लक्ष्य दो लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 50,928 मीट्रिक टन (24 प्रतिशत) गेहूं खरीदा गया है। एफसीआई को 23040 मीट्रिक टन गेहूं की डिलीवरी कर दी गई है, जबकि 27888 मीट्रिक टन डिलीवरी होना शेष है। गेहूं का भंडारण करने की जिम्मेदारी संभाले एफसीआई की प्लानिंग अभी तक फेल साबित हुई है। एफसीआई के गोदामों में गेहूं उतार के लिए जगह नहीं है, जिससे क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी हो गई है। भंडारण की समस्या से निपटने के लिए अब प्राइवेट गोदामों का अधिग्रहण किया जा रहा है।
रबी क्रय वर्ष 2019-20 में किसानों से गेहूं खरीदने के लिए 175 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिसमें 167 केंद्रों पर खरीद की गई है। पिछले वर्ष अप्रैल में 74,233 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस वर्ष 50,928 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा जा सका है। गेहूं खरीद की धीमी गति के लिए कभी बारदाना की कमी, तो कभी भंडारण की समस्या आड़े आई है। इसके अलावा एफसीआई में उतार न होने से क्रय केंद्र प्रभारी रुचि नहीं ले रहे हैं। भंडारण की समस्या से निपटने के लिए जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनी है, जिसमें एफसीआई और एसडब्यूसी के अधिकारी शामिल हैं। अभी 42 हजार मीट्रिक टन क्षमता के प्राइवेट गोदाम चिह्नित किए गए हैं, जिनके अधिग्रहण की डीएम ने मंजूरी दे दी है।
प्रतिदिन चार हजार एमटी गेहूं खरीद
गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए क्रय केंद्रों पर कांटे बढ़ाए जा चुके हैं। मंडी के क्रय केंद्रों पर तीन-तीन और ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों पर दो-दो कांटे से तौल कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस लिहाज से प्रतिदिन औसतन करीब 11 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाना चाहिए, लेकिन केंद्रों पर एक ही कांटे से (300 क्विंटल) तौल कराई जा रही है।
लेबर न होने से तौल बंद
राजापुर मंडी में आठ क्रय केंद्र खोले गए हैं। खीरी लोकसभा चुनाव के चलते पांच दिन क्रय बंद रहे, जिसके बाद बुधवार को केंद्र खुले। चार क्रय केंद्रों पर खरीद हुई, लेकिन चार क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं की गई। पीसीएफ द्वितीय सर्वा एट मंडी के केंद्र प्रभारी बशरूद्दीन ने बताया कि लेबर न आने से तौल बंद है। यही हाल पीसीयू और यूपीएसएस के केंद्र का मिला।
प्राइवेट गोदामों के अधिग्रहण को मंजूरी मिल गई है, जिससे जल्द ही इन गोदामों में भंडारण शुरू हो जाएगा। भंडारण की समस्या दूर होने के साथ ही गेहूं खरीद में तेजी आएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी