दुधवा के जंगल में दुर्लभ आर्किड पौध की हुई खोज। स्रोत : वन विभाग।
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के जंगल में दुर्लभ वनस्पतियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) और टाइगर रिजर्व प्रशासन की तीन सदस्यीय जीव विज्ञानियों की टीम के अध्ययन में दुधवा के जंगलों में ग्राउंड और ट्री ऑर्किड समेत 15 पौधों की प्रजातियां खोजी गई हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व की टीम ने वर्ष 2019 में दुधवा के आरआर-1 ग्रासलैंड में दुर्लभ प्रजाति का ग्राउंड ऑर्किड पौधा खोजा था। उस समय वनस्पति विशेषज्ञों ने करीब 121 साल बाद दुधवा के जंगल में ऑर्किड के पौधों को सूचीबद्ध किया था। इस दुर्लभ प्रजाति के पौधों में फल भी मिले थे।
सात साल पहले इस खोज के बाद तराई के जंगल में जीव विज्ञानी दुर्लभ वनस्पतियों का लगातार अध्ययन करने में जुटे हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि जीव विज्ञानी विपिन सैनी, डब्ल्यूडब्ल्यएफ के रोहित रवि, डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार आदि की टीम ने दुधवा की सोनारीपुर, बेलरायां, सठियाना, दुधवा समेत सात रेंजों में दो माह तक ऑर्किड पौधे का अध्ययन किया गया।
इसमें सभी रेंजों में इस दुर्लभ प्रजाति का तेजी से विस्तार पाया गया। जिसमें 15 प्रजातियों के ऑर्किड पौधों की खोज की गई। सभी में गुलाबी, पीले समेत अन्य रंगों के फूल खिले पाए गए।इसका वानस्पतिक नाम यूलोफिया ऑब्ट्यूसा है। यह पौधा पहाड़ी क्षेत्रों उत्तराखंड, सिक्किम, दार्जलिंग और गुवाहाटी की पहाड़ियों पर मिलता है।