यहां गंदे पानी के निस्तारण को बनेंगे सोख्ता गड्ढे, प्लांट में होगा प्लास्टिक कचरा का निस्तारण
शासन ने काम शुरू कराने के लिए प्रत्येक पंचायत को आवंटित किया 38-38 लाख का बजट
डीपीआरओ बोले, योजना के तहत गांवों में बनने वाली खाद के गड्ढों का होगा सामुदायिक प्रयोग
लखीमपुर खीरी। जनपद की पांच हजार या इससे अधिक आबादी वाली 145 ग्राम पंचायतों का चयन ओडीएफ प्लस योजना के अंतर्गत किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी और कचरा का निस्तारण कराने के लिए सोख्ता गड्ढे और खाद के गड्ढे बनाए जाएंगे। साथ ही प्लास्टिक कचरा के निस्तारण के लिए प्लांट लगाए जाएंगे। शासन द्वारा इन ग्राम पंचायतों में कार्य कराने के लिए अधिकतम 38-38 लाख बजट स्वीकृत किया गया है।
2022-23 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज- 2 के अंतर्गत ओडीएफ प्लस योजना के तहत गांवों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्य कराया जाना है। इसके लिए शासन ने पांच हजार या इससे अधिक आबादी वाली 145 ग्राम पंचायतों का चयन किया है।
बांकेगंज ब्लॉक की 11 ग्राम पंचायतें, बेहजम की चार, बिजुआ की छह, धौरहरा की 11, ईसानगर की पांच, कुंभी की पांच, लखीमपुर की 10, मितौली की छह, मोहम्मदी की चार, नकहा की तीन, निघासन की 23, पलिया की 15, पसगवां की आठ, फूलबेहड़ की 11, रमियाबेहड़ की 23 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में गंदे पानी व कचरा प्रबंधन के लिए इसी माह के अंत तक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 145 प्रधानों, 70 सचिवों, 15 एडीओ पंचायत, 15 खंड प्रेरक सहित कुल 245 लोगों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर कार्ययोजना बनाने की जानकारी दी जाएगी। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत गांवों में बनने वाली खाद के गड्ढों का सामुदायिक प्रयोग किया जाएगा।
पिछले बरस 411 ग्राम पंचायतों का हुआ था चयन
बताते चलें कि पिछले वर्ष 2021-22 में ओडीएफ प्लस के अंतर्गत 411 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। इनमें सोख्ता और खाद के गड्डे बनाने के लिए शासन द्वारा 7.92 करोड़ रुपये जनपद को मिले थे। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि इन ग्राम पंचायतों में कार्य प्रगति पर है। अभी इन ग्राम पंचायतों में करीब एक करोड़ रुपये व्यय किया गया है।