लखीमपुर खीरी। गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में योगी सरकार के नरम रुख का फायदा उठाते हुए चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रही हैैं। 14 दिन के बजाय तीन महीने से अधिक बीतने पर भी छह मिलों ने किसानों का पांच अरब 10 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य दबा रखा हैै, जिसमें बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलों पर ही तीन अरब 90 करोड़ से अधिक रुपये बकाया हैै।
योगी सरकार ने मिलों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए दबाव की नियत से कई बार समय सीमा बनाई, लेकिन मिल मालिकों पर इसका कोई असर नहीं हुआ हैै। यहां तक डीएम के निर्देशों पर भी अमल नहीं किया गया। प्रभारी मंत्री के समक्ष भी गन्ना मूूल्य भुगतान का मामला उठाया जा चुका है। ऐरा मिल पर 38.13 करोड़, बेलरायां मिल पर 36.59 करोड़ और संपूर्णानगर मिल पर 45.27 करोड़ रुपये बकाया हैै। इसके अलावा इन मिलों पर विलंब के चलते 61.03 करोड़ ब्याज की देनदारी बन चुकी हैै। जिला गन्ना अधिकारी अमर प्रताप सिंह ने बताया कि सहकारी क्षेत्र की बेलरायां, संपूर्णानगर मिल के प्रबंधकों ने किसानों को भुगतान के लिए प्रदेश सरकार से मदद मांगी है। जबकि अन्य मिलें चीनी बेचकर भुगतान कर रही हैं।
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