सुरक्षा गार्डों ने बचाई जान
अमर उजाला डॉट कॉम को मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एक लंबी गाड़ी में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का करीबी रिश्तेदार भी बैठा हुआ था। जैसे ही भीड़ उसकी गाड़ी की तरफ बढ़ी तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि इसकी पुष्टि अभी तक पुलिस की किसी विवेचना में नहीं हुई है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फायर करने वाला उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का एक करीबी रिश्तेदार था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाड़ी चढ़ने के तुरंत बाद भगदड़ मचनी शुरू हुई तो आंदोलनकारियों ने गाड़ी में बैठे हुए लोगों में जिसे पाया उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। जिस गाड़ी में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का करीबी रिश्तेदार बैठा हुआ था उसी गाड़ी का ड्राइवर, जो लखनऊ के एपी सेन रोड का निवासी है, उसने घटना के बाद गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी। गाड़ी की स्पीड बढ़ाने के दौरान उसकी गाड़ी पलट गई और उसमें ड्राइवर और उसके अंदर बैठे हुए कुछ लोग भी घायल हो गए।
सूत्र बताते हैं कि इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की गाड़ी थार और उसके साथ बेड़े में मौजूद अन्य बड़ी गाड़ियां, जिसमें लखीमपुर के कुछ स्थानीय नेता बैठे हुए थे, वे भी जान बचाकर भागे। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ लोगों को सुरक्षा गार्डों ने बचाकर सुरक्षित स्थान पर तो पहुंचा दिया, लेकिन भीड़ ने जमकर पिटाई भी की।
उत्तर प्रदेश के मुख्य पूर्व मुख्यमंत्री का यह करीबी रिश्तेदार बीते कुछ महीनों से ही जिले की राजनीति में अपना दखल रखने लगे थे। शहर के कुछ इलाकों में इनकी होर्डिंग्स और बैनर-पोस्टर लगे हुए थे। पुलिस से जुड़े हुए अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान जितनी भी गाड़ियां वीडियो में नजर आ रही हैं उनके नंबर की तफ्तीश कर उनके मालिकों के बारे में पता किया जा रहा है। पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की गाड़ी के साथ जिन तीन गाड़ियों में पुलिस थी, उनके बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है। इनमें एक गाड़ी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के एक बहुत ही करीबी रिश्तेदार की बताई जा रही है। हालांकि लखीमपुर पुलिस इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर रही है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जैसे ही गाड़ियों के बारे में तफ्तीश शुरू होगी तो सब कुछ सामने आ जाएगा।