तमकुहीरोड। सेवरही की ब्याहुत जायसवाल धर्मशाला में विश्व योग दिवस को लेकर बुधवार को योग व प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योगाचार्य ने बताया कि योग भारतीय संस्कृति में स्वस्थ व निरोग रहने की प्राचीन विधा है। इसे सदियों से ऋषि मुनि अमल में लाते रहे हैं। यह उनके दीर्घायु होने का सशक्त माध्यम रहा है।
बुधवार को सुबह योगाचार्य अभय रंजन ने लोगों को अनुलोम-विलोम, कपालभाती, चक्रासन, भस्त्रिका, शीतकारी, नौकासन सहित अनेक योग व प्राणायाम का अभ्यास कराया। उनका कहना था कि योग के बल पर पहले के ऋषि मुनि दीर्घायु जीवन जीते थे। आज के परिवेश में योग व प्राणायाम का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सभी लोगों को योग व प्राणायाम की विधा से जुड़ कर अपने जीवन को स्वस्थ व दीर्घायु बनाने की कोशिश करनी चाहिए। नियमित योग व प्राणायाम करने से स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की प्राप्ति होती है।कार्यक्रम में योग शिक्षक गुरुशरण जायसवाल, निर्मल अग्रवाल, श्रीराम जायसवाल, राजेंद्र वर्मा, राजेश जायसवाल, प्रहलाद वर्मा ने भी योगासनों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में संतोष बरनवाल, लवकुश गुप्ता, केदार प्रजापति, अभिषेक शुक्ल, आदित्य वर्मा, रामजी कसेरा, प्रदीप वर्मा, सहदेव बरनवाल, अरविंद जायसवाल, राजेश्वर गुप्ता, सुनील वर्मा, अजय गुप्ता, शुकदेव रौनियार आदि शामिल रहे।