मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज करते चिकित्सक ।संवाद
पडरौना। गलत खानपान और दिनचर्या में बदलाव से लोगो में सर्वाइकल (गर्दन की दर्द) के मामले बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 25 मामले आ रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ ही साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की हड्डी रोग की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज रोजाना आते हैं। डॉ. शोख अहरूद्दीन ने बताया कि इसमें से 20 से 25 लोगों में सर्वाइकल की समस्या रहती है। यह दर्द शुरुआत में गर्दन तक सीमित रहता है, लेकिन धीरे-धीरे यह कंधों और पीठ तक फैल जाता है। इस स्थिति में उठने-बैठने में परेशानी होने लगती है। मरीजों को बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है। डॉ. वर्षा गुप्ता ने बताया कि सावधानी और सही दिनचर्या अपनाने से इस समस्या से बचा जा सकता है। गर्दन में होने वाले लगातार दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आगे चलकर यह गंभीर बन जाती है। उन्होंने बताया कि सोते समय सही तरीके से तकिया लगाने से गर्दन की मांसपेशियों में जकड़न, सूजन और दर्द की समस्या कम की जा सकती है। सिर में लगातार दर्द, हाथ-पैर में झुनझुनी और कमजोरी भी इसके लक्षण हैं।
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ये हैं प्रमुख कारण
- भागदौड़ भरी और अव्यवस्थित दिनचर्या, लगातार बैठकर काम करना, गलत मुद्रा में सोना और कभी-कभी दुर्घटनाएं भी सर्वाइकल का कारण बनती हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र में भी इस प्रकार की समस्या होने लगती है।
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बरतें सावधानियां
- सोते समय सही तरीके से सोएं और पतली तकिया का इस्तेमाल करें।
- लगातार लंबी दूरी पर बाइक या कार ड्राइविंग से बचें।
- गर्दन की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग नियमित रूप से करें।
- सही ढंग से बैठें और हल्की एक्सरसाइज अवश्य करें।
- गर्दन के दर्द को नजरअंदाज न करें, विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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