तुर्कपट्टी। वर्षों से जिस जमीन पर हंसता खेलता परिवार आबाद था उसी आशियाना के उजड़ने का दर्द पीड़ित परिवारों की आंखों में साफ झलक रहा था। लोगों की आंखों में अपनी मेहनत की कमाई से खड़ा किए गए सपनों की दीवार के टूटने की गूंज सुनाई देने लगी थी। बड़ी संख्या में ग्रामीण बीते बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर अपनी पीड़ा भी बताई कि 40 से 45 वर्षों से वह उक्त भूमि पर घर बनाकर रह रहे हैं।
जिलाधिकारी द्वारा तहसील प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के घर पर नोटिस चस्पा कर 28 अगस्त तक भूमि को खाली करने का निर्देश दिया गया। जगदीश रावत एवं पारस के घर की दीवार जब बुलडोजर की जद में आया तो दोनों के चेहरा दुःख और दर्द की रेखाएं उभरती चली गईं। इसी प्रकार छविया देवी बिंदु देवी, गुड्डू यादव, सीताराम, कन्हाई, नथुनी ,फुलवारी आदि के मकान के छप्पर और कटरैन जब उजड़ने लगा तो उदास मन से लोग अपना सामान निकालने लगे।