सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाती जेसीबी। संवाद
तुर्कपट्टी। उच्च न्यायालय के आदेश पर तुर्कपट्टी के महुअवा गांव में ग्रामसभा की सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक अमला पहुंचा। 44 ग्रामीणों के मकान करीब पांच थानों के पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त किए गए। इस दौरान एसडीएम तमकुहीराज एवं तहसील प्रशासन के लोग मौजूद थे। तमकुहीराज तहसील के महुअवा बुजुर्ग निवासी अहमद अंसारी ने चार वर्ष पूर्व हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए अपने गांव के 74 ग्रामीणों पर ग्राम पंचायत की सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिए जाने का आरोप लगाया था। संबंधित मामले में 22 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने आदेश का सख्ती से पालन कराते हुए डीएम को दो सितंबर तक आख्या सहित न्यायालय में उपस्थित होने को आदेश दिया।
इसी क्रम में शुक्रवार को सुबह 10 बजे से ही एसडीएम आकांक्षा मिश्रा व नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा गांव पहुंचे एवं अतिक्रमण की जमीन को लेकर कार्रवाई शुरू किया। इसी बीच ग्राम वासी मीरा देवी, संतोष तिवारी सहित 10 गृहस्वामियों ने मामला डीएम कोर्ट में लंबित होने का कागजात एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया।
वहीं राजकुमारी देवी, फुलवारी देवी, हरेंद्र सहित 20 भूमिहीन गृहस्वामियों को अतिशीघ्र अपनी उचित व्यवस्था करते हुए अवैध अतिक्रमण हटा लेने के निर्देश दिए। इस बेदखली के दौरान जब प्रशासन का बुलडोजर गांव में पहुंचा तो अफरा तफरी माहौल पैदा हो गया। तुर्कपट्टी मुख्य चौराहे से लेकर गांव के हर मोड़ पर पुलिस तैनात रही। क्षेत्राधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में रामकोला, नेबुआ नौरंगिया, जटहां, कुबेरस्थान, तुर्कपट्टी समेत कई थानों की पुलिस ने मौके पर शांति बनाए रखने में जुटी रही।