दुदही। लगातार बारिश और तेज हवा ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई गांवों में केला और धान की फसल को नुकसान हुआ है। गौरीश्रीराम के रामनगर और आसपास के इलाकों में केले के पौधे खेतों में गिर गए हैं। इस क्षेत्र में करीब आठ एकड़ में केले की फसल बर्बाद होने से लगभग 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र के बतरौली धुरखड़वा, जंगल लाला छपरा, गोडरिया, नौगांवा, नरहवा, ठाढ़ीभार, विशुनपुर बरियापट्टी, गौरीश्रीराम, पृथ्वीपुर और जंगल लुआठहा समेत कई गांवों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिला है।
गौरीश्रीराम के रामनगर में हीरालाल यादव, धर्मेंद्र यादव, भगवती प्रसाद और ओमप्रकाश समेत कई किसानों की करीब आठ एकड़ में तैयार केला फसल तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई। फसल और फल के गुच्छे टूटने से किसानों को करीब 20 लाख रुपये की क्षति होने की बात कही जा रही है।
वहीं, ठाढ़ीभार गांव में धर्मेंद्र यादव और नंदू यादव की केला फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार दोनों को करीब चार लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई है। किसानों ने बताया कि केला की फसल तैयार करने में 15 महीने से अधिक समय लगता है। इस दौरान खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर लगातार खर्च करना पड़ता है। फसल तैयार होने के बाद जब मुनाफे की उम्मीद थी, तभी बारिश और तेज हवा ने पूरी फसल बर्बाद कर दी।
खेतों में केले के पौधे टूटकर और झुककर जमीन पर पड़े हैं। कई जगह फलों के गुच्छे भी टूट गए हैं। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण धान समेत दूसरी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों का कहना है कि मौसम की मार से हुई क्षति की भरपाई उनके लिए आसान नहीं है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तत्काल फसलों का सर्वे कराया जाए। क्षति का आकलन कर शासन के नियमों के अनुसार किसानों को राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि बर्बाद हुई फसल से हुए आर्थिक नुकसान में उन्हें कुछ सहारा मिल सके।
गौरीश्रीराम में आंधी तूफान से गिरा केले की फसल।संवाद