थाने पर हंगामा, भाजपा नेता समेत कई पर केस दर्ज
कसया। सोमवार की देर रात मारपीट के एक मामले में पैरवी करने कसया थाने पहुंचे भाजपा नेता संतोष सिंह समेत कुछ अज्ञात लोगों पर पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। भाजपा नेता की लक्जरी गाड़ी व समर्थकों की 10 बाइक भी सीज कर दी है। आरोप है कि भाजपा नेता ने कोरोना प्रोटोकाल का उल्लंघन करते हुए थाने में हंगामा किया।
कसया थाना क्षेत्र के कुड़वा दिलीपनगर में रहने वाले सोनू यादव और विनय यादव के परिवार के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। इसमें एक पक्ष के सोनू, सिकंदर और बिट्टू को चोट लगी थी, जिससे इस पक्ष ने डॉक्टरी कराकर थाना पर मुकदमा दर्ज कराने पहुंचा था। रात में करीब 11 बजे इनके समर्थन में भाजपा नेता संतोष सिंह भी पहुंचे थे। पुलिस का आरोप है कि अभी तहरीर लेकर पहुंचे लोगों से पूछताछ की जा रही थी कि भाजपा नेता भड़क गए और पुलिस पर केस दर्ज करने का दबाव बनाने लगे। उनके समर्थक भी शोर शराबा करने लगे। मौजूद पुलिस कर्मियों ने बल प्रयोग कर समर्थकों को थाना परिसर से बाहर किया। घटना की जानकारी होने पर विधायक कुशीनगर रजनीकांत मणि त्रिपाठी के प्रतिनिधि दिव्येन्दु मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। विधायक प्रतिनिधि के हस्तक्षेप पर भाजपा नेता को चेतावनी देकर थाने से छोड़ा गया, लेकिन पुलिस ने संतोष की लक्जरी गाड़ी व समर्थकों की दस बाइक को सीज कर दिया।
वहीं भाजपा नेता संतोष सिंह का कहना है कि मारपीट में घायल लोगों के पक्ष में केस दर्ज नहीं हो रहा था तो वे थाने पहुंचे थे। पहले एसओ के आवास पर बुलाया गया लेकिन बातचीत हुए बिना ही एसओ ने वापस थाने भेज दिया। काफी देर तक बैठने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने एसओ को फोन किया। इससे नाराज होकर एसओ थाने पहुंचे और कार्यकर्ताओं व पीड़ितों पर लाठी बरसाकर थाने से खदेड़ दिया गया। इसके बाद उन पर तथा समर्थकों पर केस भी दर्ज कर लिया गया। इस मामले की वे एसपी समेत अन्य वरिष्ठ अफसरों से शिकायत करेंगे। इस संबंध में कसया एसओ अनुज कुमार सिंह का कहना है कि भाजपा नेता व उनके समर्थक रात में थाने में हंगामा कर रहे थे। इन लोगों ने कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। इसलिए सभी के विरुद्ध धारा 153 व 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण से वरिष्ठ अफसरों को भी अवगत करा दिया गया है।