पडरौना। मौसम का मिजाज सोमवार की सुबह से ही बदल गया। मंगलवार की सुबह से बादल छाए रहे। दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इससे ठंड का ग्राफ बढ़ गया। बूंदाबादी ने धान और आलू की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक अभी एक नंबर तक जिले में बूंदाबांदी का अनुमान है। चक्रवाती तूफान मौनथा के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव हुआ है। वहीं, बेमौसम बारिश का असर सेहत पर भी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर बच्चे व बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मंगलवार की सुबह करीब पांच से छह बजे तक हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे तक आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर एक बजे तक सूर्य ने दर्शन तो दिए, लेकिन करीब एक घंटे बाद बादलों ने उन्हें पुन: अपने ओट में छिपा लिया। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम विशेषज्ञ श्रुति वी सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से एक नवंबर तक का जिले के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है।
उसके अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 26 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 74 से 98 प्रतिशत और शाम के समय सापेक्षिक आर्द्रता 69 से 88 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि पूर्वानुमानित अवधि के दौरान 1-13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। पूर्वानुमानित अवधि के दौरान 29 अक्तूबर की शाम से एक नवंबर तक घने बादल छाए रहने के साथ बिजली गिरने और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। उन्होंने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए किसान को धान की कटाई एवं उपज को सुखाने का कार्य स्थगित करने की सलाह दी है।
दिन......अधिकतम....न्यूनतम
बुधवार... 32............... 23
बृहस्पतिवार......31.........22
शुक्रवार.......26.........22
शनिवार......26.........22
रविवार.......30........21
तापमान डिग्री सेल्सियस में है।
मौसम में हुए बदलाव देख बरते सावधानी
बाल रोग विशेषज्ञ कमलेश वर्मा ने बताया कि बूंदाबांदी के बाद मौसम ठंडा हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आएगी। बच्चे व बुजुर्ग बदलते मौसम में गर्म कपड़े, स्वेटर व जैकेट को सुबह व शाम पहनें। बाहर जाने पर अच्छी फिटिंग वाले जूते पहनें। बाहर निकलने पर सिर को टोपी लगाकर ही बाहर निकलें। ठंड से बचाव के लिए खूब गर्म तरल पदार्थ जैसे सूप या चाय पिएं। घर के अंदर या बाहर नियमित रूप से हल्का-फुल्का व्यायाम करें। सर्दी, जुकाम, बुखार व वायरल होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाकर जांच जरूर करवाएं। इसके बाद ही दवा लें। झोलाछाप से इलाज बिल्कुल भी न करवाएं।