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Kushinagar News: उफ! इतनी निर्दयता...दो माह की मासूम को बोरे में बंदकर फेंक दिया

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टहलने निकले एक युवक की नजर पड़ी तो ले गया अपने घर
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हालत गंभीर होने पर युवक और उसकी मां बच्ची को ले गए अस्पताल, चल रहा इलाज
घुघली। उफ! कितना निर्दयी रहा होगा वह, जिसने दो माह की मासूम को बोरे में बंदकर फेंकने का साहस किया होगा। फेंकने वाले ने तो मासूम की मौत का पूरा इंतजाम कर दिया था पर कहते हैं न ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’। ऐसा ही कुछ हुआ उपनगर स्थित हठी माता मंदिर के पास शनिवार सुबह बोरे में लावारिस हालत में मिली उस नवजात के साथ।
मासूम के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचा सुबह टहलने निकला क्षेत्र का एक युवक। उसकी नजर उस बोरे पर पड़ गई, जिसमें से मासूम के रोने की आवाज आ रही थी। उसने बच्ची को गोद में उठाया और घर ले गया। बाद में हालत ठीक नहीं होने पर अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। नवजात को इस हालत में फेंके जाने की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया। लेकिन इस अमानवीय कृत्य के बीच मनीष की मानवता की ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने लोगों का भरोसा फिर से इंसानियत पर जगा दिया।
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जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 09 निवासी मनीष रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। मंदिर के पास रखे एक बोरे से अचानक रोने की आवाज सुनकर वे रुक गए। जब बोरा खोलकर देखा तो भीतर लगभग दो माह की एक नवजात बच्ची थी, जो जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी। एक पल की भी देरी किए बिना मनीष बच्ची को गोद में उठाकर अपने घर ले आए। घर पहुंचते ही मनीष की मां फूलमती ने मां की ममता दिखाते हुए बच्ची को सीने से लगा लिया। उसे दूध पिलाया, साफ-सफाई की और उसकी देखभाल शुरू की। बच्ची की हालत ठीक न लगने पर फूलमती उसे लेकर सीधे घुघली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। सीएचसी में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया और ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद बेहतर इलाज के लिए बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
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उधर, सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि नवजात को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। बच्ची को छोड़ने वालों की तलाश जारी है। इस बीच फूलमती ने कहा कि यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत संभव हुआ तो वे इस बच्ची को गोद लेने की इच्छा रखती हैं।
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