कुशीनगर। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में 15 साल पूर्व रफीक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-दो ने सोमवार को फैसला सुनाया। महिला समेत दो को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बलडीहा निवासी रोजरीन अंसारी ने 22 जून वर्ष 2011 को सलेहा खातून और अमर हुसैन पर बेटे रफीक की पीटकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। घटना वाली रात रफीक आरोपी सलेहा खातून के घर गया था।
दोनों ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीटा। स्सी से बांधकर भी पीटा गया। पिटाई से रफीक के शरीर पर करीब 25 चोटें आई थीं। उसके सिर पर भी चोट थी और चार पसलियां टूट गई थीं। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद माना कि आरोपियों का उद्देश्य रफीक को ऐसी चोट पहुंचाना था, जिससे उसकी मौत होने की संभावना थी। न्यायालय ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-एक के तहत दोषी माना।
फैसले में अमर हुसैन को हिरासत में लेकर जिला कारागार देवरिया भेजने का आदेश दिया गया। सलेहा खातून अदालत में उपस्थित नहीं थी। उसकी हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। अदालत ने दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को सजा में समायोजित करने का भी आदेश दिया है।