प्रशिक्षण व होटल वर्गीकरण से बढ़ाएंगे पर्यटन उद्योग : निदेशक
कसया (कुशीनगर )। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से कुशीनगर में चल रहे दो दिवसीय बौद्ध सर्किट में पर्यटन-आगे का रास्ता विषयक सम्मेलन बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए पर्यटन निदेशक विभूति भूषण दास ने कहा कि मंत्रालय प्रशिक्षण व होटल वर्गीकरण से पर्यटन उद्योग को बढ़ाएगा।
सम्मेलन के समापन सत्र में कुशीनगर के होटल, टूर-ट्रैवेल ऑपरेटर व पर्यटन से जुड़े विभिन्न समुदाय के लोगों की सहभागिता रही। पर्यटन निदेशक ने कहा कि कुशीनगर में बौद्ध पर्यटन व क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस पर्यटन विकास में अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का प्रमुख योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार यहां नए अवसर व रोजगार के लिए नया आयाम देने का काम करेगा। कुशीनगर के बौद्ध पर्यटन व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में दो तरह से पर्यटन काम करेगा। एक प्रशिक्षण व दूसरा होटलों का वर्गीकरण कर। प्रशिक्षण के माध्यम से यहां के युवक-युवतियों को सत्रवार पर्यटन विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार दिए जाएंगे। प्रशिक्षित युवक-युवती पर्यटन से संबंधित, होटल, टूर ट्रैवल, गाइड आदि पेशे से अपने को जुड़कर रोजगार के अवसर प्राप्त करेंगे।
उन्होंने इस सम्मेलन की उपयोगिता के बारे में कहा कि वर्तमान में कुशीनगर में स्टार स्तर की होटल इकाइयां नहीं हैं। लिहाजा होटल उद्योग में काफी निवेश, व्यवसाय व रोजगार की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। वर्तमान में जिले में एक होटल है, वह भी थ्री स्टार कटेगरी का है। ऐसे में पांच सितारा अथवा अन्य स्टार श्रेणी के होटल में ठहरने वाले मेहमानों के लिए अभी यहां बेहतर प्रबंध नहीं है। लेकिन, पर्यटन मंत्रालय होटल की श्रेणी बांटकर होटल उद्योग को बढ़ाने का काम करेगा। इसके अलावा सम्मेलन में म्यांमार बुद्ध विहार के मीडिया प्रभारी टीके राय समेत कई पर्यटन विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर पर्यटन उद्योग व व्यवसाय से जुड़े विशेषज्ञ व मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।